Hanuman Chalisa
✕

यह है करवा चौथ का पवित्र मंत्र, चंद्र को अर्घ्य दें तब जरूर बोलें

Updated: शुक्रवार, 6 अक्टूबर 2017 (16:40 IST)
करवा चौथ एक नारी पर्व है। सुहागिन नारी का अपने पति की दीर्घायु और हर प्रकार के सुख-ऐश्वर्य की कामना के साथ किया गया निर्जल व्रत। ऐसे अनूठे व्रत हिंदू संस्कृति में ही हो सकते हैं। यह नारी पर्व कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। इस पर्व में दिनभर का उपवास करके, शाम को सुहागिनें करवा की कहानियां कहती-सुनती हैं। उसके पश्चात गौरा से सुहाग लेकर तथा उगते चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपने सुहाग की अटलता की कामना करती हैं। इस बार जब चंद्र को अर्घ्य दें तो यह मंत्र अवश्य बोलें.... 
 
 
 
करकं क्षीरसंपूर्णा तोयपूर्णमयापि वा। ददामि रत्नसंयुक्तं चिरंजीवतु मे पतिः॥
इति मन्त्रेण करकान्प्रदद्याद्विजसत्तमे। सुवासिनीभ्यो दद्याच्च आदद्यात्ताभ्य एववा।। 
एवं व्रतंया कुरूते नारी सौभाग्य काम्यया। सौभाग्यं पुत्रपौत्रादि लभते सुस्थिरां श्रियम्।। 

 

Show comments

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 12 राशियों में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान?

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 18 सितंबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

बुधादित्य राजयोग से चमकेगा 4 राशियों का भाग्य! कन्या राशि में बुध-सूर्य की युति से मिलेंगे शुभ संकेत

भविष्य मालिका की भविष्यवाणी: क्या मक्का-मदीना में होगा घोर युद्ध? जानें क्या किया गया है दावा

नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर: जानिए कुंडली में क्या कहते हैं ग्रह-नक्षत्र और भविष्य के संकेत

नीच के मंगल का देश-दुनिया और 12 राशियों पर कैसा होगा असर? इन मामलों में रहें सतर्क

अगला लेख