ramcharitmanas

बहुमुखी प्रतिभा के धनी होते हैं धनिष्ठा नक्षत्र में जन्मे जातक, जानिए भविष्यफल

Updated: गुरुवार, 16 अगस्त 2018 (14:49 IST)
-प्रस्तुति : शतायु
 
ज्योतिष के अनुसार सारे नक्षत्रों का नामकरण 0 डिग्री से लेकर 360 डिग्री तक इस प्रकार किया गया है- अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, अश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती। 28वां नक्षत्र अभिजीत है। 
 
वैदिक ज्योतिष की गणनाओं के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले 27 नक्षत्रों में से धनिष्ठा को 23वां नक्षत्र माना जाता है। 'धनिष्ठा' का अर्थ होता है 'सबसे धनवान'। इस नक्षत्र का स्वामी मंगल और देवता वसु हैं। धनिष्ठा में जन्मे जातक पर जीवनभर मंगल और शनि का प्रभाव रहता है। नक्षत्र स्त्रैण है, लेकिन मंगल ग्रह की ऊर्जा इस नक्षत्र में अपने चरमोत्कर्ष को छूती है इसीलिए यह उच्च का मंगल भी कहा जाता है।
 
जानिए धनिष्ठा नक्षत्र की खास बातें:-
 
प्रतीक : ड्रम, बांसुरी, ढोल या मृदंग
देवता : वासु
वृक्ष : शमी
रंग : हल्का ग्रे
अक्षर : गू, गे, ज
नक्षत्र स्वामी : मंगल
राशि स्वामी : शनि
शारीरिक गठन : प्राय: इस नक्षत्र के लोग दुबले शरीर वाले होते हैं।
 
धनिष्ठा नक्षत्र : इस नक्षत्र का स्वामी मंगल है, वहीं राशि स्वामी शनि है। धनिष्ठा नक्षत्र के पहले दो चरणों में उत्पन्न जातक की जन्म राशि मकर, राशि स्वामी शनि, अंतिम दो चरणों में जन्म होने पर राशि कुंभ तथा राशि स्वामी शनि, वर्ण शूद्र, वश्य जलचर और नर यानी सिंह, महावैर योनि गज, गण राक्षस तथा नाड़ी मध्य है। 

नक्षत्र का प्रभाव :-
 
नकारात्मक : धनिष्ठा नक्षत्र में जन्मे जातक का मंगल यदि खराब है तो जातक अधिकतर अभिमानी, अड़ियल तथा जिद्दी स्वभाव का हो जाएगा। इसी स्वभाव के कारण अनेक तरह की समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। मंगल का शुभ प्रभाव खत्म हो जाता है।
 
सकारात्मक : इस नक्षत्र में जन्मे लोग बहुमुखी प्रतिभा और बुद्धि के धनी होते हैं। ये कई-कई क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल किए हुए होते हैं। ये सामरिक योजनाकार, अच्छे शिक्षाविद और अच्छे व्यवस्थापक भी होते हैं। इनमें जमा करने और संसाधनों को इकट्ठा करने की शक्ति निहित होती है।

ALSO READ: क्यों जरूरी है मूल नक्षत्र की शांति, पढ़ें यह जरूरी जानकारी

Show comments

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 12 राशियों में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान?

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 06 अगस्‍त 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

अंक-दर्शन : रसोई के मसाले और ग्रहों का रहस्य (भाग- 4 : इलायची)

भविष्यवाणी: क्या POK जल्द बनेगा भारत का हिस्सा? ग्रह-नक्षत्र क्या दे रहे हैं संकेत

बुध का पुष्य नक्षत्र में गोचर: 5 राशियों के लिए खुलेगा तरक्की और धन लाभ का रास्ता

05 August Birthday: आपको 5 अगस्त, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

अगला लेख