आज के मुहूर्त (23.07.2011)
शनिवार, 23 जुलाई 2011
आज आपका दिन मंगलमयी रहे यही शुभकामना है। वेबदुनिया प्रस्तुत कर रही है खास आपके लिए आज के दिन के विशिष्ट मुहूर्त। अगर आप आज वाहन खरीदने का विचार कर रहे हैं या आज कोई नया व्यापार आरंभ करने जा रहे हैं तो आज के शुभ मुहूर्त में ही कार्य करें ताकि आपके कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
ज्योतिष एवं धर्म की दृष्टि से इन मुहूर्त का विशेष महत्व है। मुहूर्त और चौघड़िए के आधार पर वेबदुनिया आपके लिए प्रतिदिन के खास मुहूर्त की सौगात लेकर आई है।
प्रस्तुत है आज के मुहूर्त
शुभ विक्रम संवत- 2068, शालिवाहन शक संवत- 1933, संवत्सर का नाम- क्रोधी, अयन- दक्षिणायन, ऋतु- वर्षा, मास- श्रावण, पक्ष- कृष्ण, तिथि- अष्टमी रात्रि 11.39 पश्चात नवमी, हिजरी सन- 1432, मु. मास- शाबान, तारीख- 21, नक्षत्र- आश्विनी रात्रि 1.16 पश्चात भरणी, योग- धृति रात्रि 07.12 पश्चात शूल, सूर्योदयकालीन करण- बालव, चन्द्रमा- मेष राशि में दिवसपर्यंत रहेंगे।
ग्रह योग- शुक्र मिथुन राशि से कर्क राशि में प्रवेश रात्रि 11.54 मिनट पर करेंगे।
दिन- शुभ।
मुहूर्त- नवीन कार्य प्रारंभ करने का मुहूर्त।
दिशाशूल- पूर्व में।
दिन का पर्व- कालाष्टमी, राष्ट्रीय श्रावण मास।
उपयोगी ज्ञान- रसोई घर में कटे हुए फल रखना प्रतिकूल परिणामदायी है।
कार्य की अनुकूलता के लिए- शरीर पर तेल मालिश करने के आधे घंटे बाद स्नान करें।
शुभ समय- प्रातः 6.30 से 8.50, 12.44 से 2.38 तक।
सुझाव- यदि संभव हो तो प्रात: 09.13 से 10.53 तक शुभ कार्य टालें।
ज्योतिष एवं धर्म की दृष्टि से इन मुहूर्त का विशेष महत्व है। मुहूर्त और चौघड़िए के आधार पर वेबदुनिया आपके लिए प्रतिदिन के खास मुहूर्त की सौगात लेकर आई है।
प्रस्तुत है आज के मुहूर्त
शुभ विक्रम संवत- 2068, शालिवाहन शक संवत- 1933, संवत्सर का नाम- क्रोधी, अयन- दक्षिणायन, ऋतु- वर्षा, मास- श्रावण, पक्ष- कृष्ण, तिथि- अष्टमी रात्रि 11.39 पश्चात नवमी, हिजरी सन- 1432, मु. मास- शाबान, तारीख- 21, नक्षत्र- आश्विनी रात्रि 1.16 पश्चात भरणी, योग- धृति रात्रि 07.12 पश्चात शूल, सूर्योदयकालीन करण- बालव, चन्द्रमा- मेष राशि में दिवसपर्यंत रहेंगे।
ग्रह योग- शुक्र मिथुन राशि से कर्क राशि में प्रवेश रात्रि 11.54 मिनट पर करेंगे।
दिन- शुभ।
मुहूर्त- नवीन कार्य प्रारंभ करने का मुहूर्त।
दिशाशूल- पूर्व में।
दिन का पर्व- कालाष्टमी, राष्ट्रीय श्रावण मास।
उपयोगी ज्ञान- रसोई घर में कटे हुए फल रखना प्रतिकूल परिणामदायी है।
कार्य की अनुकूलता के लिए- शरीर पर तेल मालिश करने के आधे घंटे बाद स्नान करें।
शुभ समय- प्रातः 6.30 से 8.50, 12.44 से 2.38 तक।
सुझाव- यदि संभव हो तो प्रात: 09.13 से 10.53 तक शुभ कार्य टालें।

