आज आपका दिन मंगलमय हो!
06 June 2026 Today Shubh Muhurat : क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए लेकर आया है 06 जून, 2026 का विशेष पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त।
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आइए जानें आज का दिन आपके लिए क्या लेकर आया है।
शनिवार, 6 जून 2026 का दैनिक पंचांग और शुभ मुहूर्त निम्नलिखित है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज ज्येष्ठ अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है। शनिवार का दिन न्याय के देवता शनि देव और संकटमोचन हनुमान जी की कृपा पाने के लिए परम फलदायी माना जाता है।
आइए जानते हैं 6 जून 2026 का विस्तृत पंचांग, शुभ समय और राहुकाल की स्थिति:
आज का पंचांग: 6 जून 2026
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थी)
शक संवत: 1948 (परावभ)
महीना: ज्येष्ठ अधिकमास (मलमास / पुरुषोत्तम मास)
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: षष्ठी तिथि- सुबह 05:43 तक (इसके बाद सप्तमी तिथि प्रारंभ, जो अगले दिन सूर्योदय से पहले समाप्त होगी)
नक्षत्र: धनिष्ठा नक्षत्र- सुबह 11:51 तक (इसके बाद शतभिषा नक्षत्र)
योग: इंद्र योग- शाम 06:42 तक (इसके बाद वैधृति योग)
करण: वणिज- सुबह 05:43 तक (इसके बाद विष्टि/भद्रा प्रारंभ, जो शाम 04:36 तक रहेगी)
सूर्योदय: सुबह 05:23 एएम
सूर्यास्त: शाम 07:17 पीएम
चंद्रराशि: कुंभ राशि (दिन-रात)
विशेष नोट (भद्रा अलर्ट): आज सुबह 05:43 से शाम 04:36 तक भद्रा का साया रहेगा। इस दौरान किसी भी तरह का नया या मांगलिक कार्य शुरू करने से बचें। शाम 04:36 के बाद का समय शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त है।
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
भद्रा समाप्त होने के बाद यदि आप कोई जरूरी काम निपटाना चाहते हैं, तो इन शुभ समयों का ध्यान रखें:
अभिजित मुहूर्त (सर्वश्रेष्ठ समय): दोपहर 11:52 से दोपहर 12:48 तक।
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:02 से सुबह 04:42 तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:39 से दोपहर 03:35 तक।
गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:16 से शाम 07:37 तक।
अशुभ समय (राहुकाल और वर्जित समय)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस समय अवधि में किसी भी नए या महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत नहीं करनी चाहिए:
राहुकाल: सुबह 08:51 से सुबह 10:35 तक (इस समय विशेष रूप से कोई महत्वपूर्ण डील या यात्रा की शुरुआत न करें)।
यमगंड काल: दोपहर 02:04 से शाम 03:48 तक।
गुलिक काल: सुबह 05:23 से सुबह 07:07 तक।
दिशाशूल: पूर्व दिशा (यदि आज इस दिशा में यात्रा करना बहुत जरूरी हो, तो घर से अदरक खाकर या उड़द के दाने चबाकर निकलें)।
विशेष: पंचक दिन 3.31 से शुरू।
आज का विशेष शनिवार उपाय:
चूंकि यह ज्येष्ठ अधिकमास का शनिवार है, इसलिए आज शाम के समय पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का चौमुखा दीपक जलाएं और पीपल की सात परिक्रमा करें। इसके साथ ही हनुमान जी के मंदिर जाकर हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें। इस उपाय से शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और कुंडली के सभी कष्ट दूर होते हैं।
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