Hanuman Chalisa

क्या है गोरोचन ? पूजा में इस्तेमाल से पहले इसे जरूर पढ़ें...

Updated: शुक्रवार, 18 मई 2018 (11:53 IST)
अक्सर पूजा में आपने गोरोचन का नाम सुना होगा... आप में से बहुत कम लोग जानते होंगे कि गोरोचन वास्तव में होता क्या है? गोरोचन गाय के पिताशय में बनने वाली एक अस्मरी (पथरी) है जो गाय के मृतावस्था के बाद प्राप्त की जाती है। यह इसीलिए थोड़ी महंगी भी होती है। 

ALSO READ: श्री शनिदेव की पूजा क्यों, कब और कैसे करें?
 
आजकल लोग पैसे के लालच में गायो का वध कर के गोरोचन निकाल लेते हैं, जो बिलकुल गलत एवं नाजायज है। किसी जीव की हत्या कर के प्राप्त की गई औषधि या पूंजी सुख नहीं दुःख ही देगी। सामान्यत: यह प्रत्येक गाय में नहीं मिलती, जिस गाय में यह पथरी  बनती है उन्हीं से प्राप्त की जाती है। आजकल बाजार में गोरोचन के नाम पर धोखाधड़ी बढ़ती ही जा रही है।  
 
पूजा के लिए पंसारी की दुकान पर मिलने वाली गोरोचन का इस गोरोचन से दूर तक कोई संबंध नहीं है। बाजार में मिलने वाली गोरोचन का निर्माण गाय के पित्त में कैल्शियम और रंग देकर किया जाता है। 
 
कैसे करें गोरोचन की शुद्धता का परीक्षण 
 
गोरोचन का निर्माण क्रमश: गाय में पित्त के इक्कठा होने से होता है। अत: जब भी गोरोचन की जांच करनी हो तो इसे तोड़ कर देखें इसमें अन्दर वृताकार रचनाएं दिखाई देंगी। इन वृतों को मेग्निफाई ग्लास से आसानी से देख सकते हैं। लेकिन अगर गोरोचन कृत्रिम है तो इसे तोड़ने पर इसमें ये वृत बिल्कुल भी नहीं मिलेंगी। कृत्रिम गोरोचन अन्दर से सपाट, बिना रेखाओं के होती है। 
 
इसके परीक्षण के लिए आप गोरोचन को पानी में घोल कर देखें, अगर पानी में आसानी से घुल गया तो यह कृत्रिम गोरोचन है, क्योकि शुद्ध गोरोचन पानी में नहीं घुलता। असली गोरोचन को चुने के पानी के साथ घिसने पर इसका रंग नहीं बदलता। अगर गोरोचन नकली है तो इसे चुने के पानी के साथ घिसने पर यह अपना रंग छोड़ देता है। 

ALSO READ: चौघड़िया किसे कहते हैं, बहुत खास है यह जानकारी ...
 
गोरोचन के गुणधर्म एवं प्रभाव 
 
गोरोचन का रस तिक्त होता है | यह गुण में रुक्ष है। गोरोचन का वीर्य उष्ण होता है। पचने पर गोरोचन का विपाक कटु होता है। गोरोचन पित्त सारक होता है एवं यह वात एवं कफ का शमन करने वाला होता है। 
 
गोरोचन का औषध प्रयोग 
 
गोरोचन बच्चों के रोगों में उपयोगी होता है। इसके अलावा शिरोरोग, रक्त की कमी, पीलिया, अपस्मार, उन्माद आदि में गोरोचन का प्रयोग किया जाता है। 
 
गोरोचन की सेवन मात्रा :125 मिलीग्राम से 500 मिलीग्राम तक प्रयोग कर सकते हैं। 
 
घर में गोरोचन रखने के लाभ
 
1. धन की कमी नहीं रहती। 
 
2. असफलता द्वार पर दस्तक नहीं देती। 
 
3. घर में पीड़ा नहीं आती। 
 
4. घर में सरस व मधुर वातावरण बना रहता है। 
 
5. संतानहीनता, दरिद्रता और क्लेश से छुटकारा मिलता है।   

ALSO READ: गर्मियों में डालें पंछियों को दाना, नवग्रहों को शुभ करने का उपाय पुराना

Show comments

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 12 राशियों में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान?

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 09 अगस्‍त 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

श्रावण मास में रविवार का खास उपाय, 11वें दिन इस मंत्र का जाप करने से प्रसन्न होंगे शिवजी और सूर्यदेव

12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण: इन 5 राशियों के लिए बढ़ सकती हैं मुश्किलें, रहें सतर्क

कामिका एकादशी व्रत कैसे करें और कब करें पारण? जानें सही विधि और शुभ समय

08 August Birthday: आपको 8 अगस्त, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

अगला लेख