Hanuman Chalisa

विवाह में क्यों वर्जित है वेध दोष

Updated: रविवार, 26 नवंबर 2017 (13:25 IST)
विवाह में वेध दोष को सर्वत्र वर्जित माना गया है। यदि विवाह मुहूर्त वाले दिन वेध दोष हो तो विवाह नहीं करना चाहिए। वेध दोष का निर्धारण में पंचांग में दिए पंचशलाका व सप्तशलाका चक्र का परीक्षण कर होता है। विवाह के अतिरिक्त वेध दोष को वरण एवं वधूप्रवेश के लिए भी त्याज्य माना गया है। 
 
शास्त्रानुसार एक रेखा में आने वाले नक्षत्रों का परस्पर वेध माना गया है। विवाह नक्षत्र का जिस भी नक्षत्र के साथ वेध हो यदि उस नक्षत्र में कोई ग्रह स्थित हो तो इसे वेध-दोष माना जाएगा। जैसे पंचांग में दिए सप्तशलाका चक्र में रेवती नक्षत्र का उत्तरा-फ़ाल्गुनी नक्षत्र के साथ वेध है। अब यदि विवाह का नक्षत्र रेवती है तो वेध दोष निवारण के लिए उत्तरा-फ़ाल्गुनी नक्षत्र में कोई ग्रह स्थित नहीं होना चाहिए, यदि उत्तरा-फ़ाल्गुनी नक्षत्र में कोई ग्रह स्थित हुआ तो यह वेधदोष माना जाएगा। विवाह में यह दोष सर्वत्र विचारणीय व त्याज्य है। 
 
-ज्योतिर्विद पं. हेमन्त रिछारिया
सम्पर्क: astropoint_hbd@yahoo.com
 

लेखक के बारे में
पं. हेमन्त रिछारिया
ज्योतिर्विद पं. हेमन्त रिछारिया ज्योतिष प्रभाकर उपाधि से सम्मानित हैं। विगत 12 वर्षों से ज्योतिष संबंधी अनुसंधान एवं ज्योतिष से जुड़ी गलत धारणाओं का खंडन कर वास्तविक ज्योतिष के प्रचार-प्रसार में योगदान दे रहे हैं। कई ज्योतिष आधारित पुस्तकों का लेखन।.... और पढ़ें

Show comments

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 12 राशियों में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान?

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 18 सितंबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

बुधादित्य राजयोग से चमकेगा 4 राशियों का भाग्य! कन्या राशि में बुध-सूर्य की युति से मिलेंगे शुभ संकेत

भविष्य मालिका की भविष्यवाणी: क्या मक्का-मदीना में होगा घोर युद्ध? जानें क्या किया गया है दावा

नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर: जानिए कुंडली में क्या कहते हैं ग्रह-नक्षत्र और भविष्य के संकेत

नीच के मंगल का देश-दुनिया और 12 राशियों पर कैसा होगा असर? इन मामलों में रहें सतर्क

अगला लेख