sundarkand

Tula sankranti 2024: तुला संक्रांति का महत्व और पूजा विधि

Written By WD Feature Desk
Updated: गुरुवार, 17 अक्टूबर 2024 (12:54 IST)
Tula sankranti significance:  सूर्य के तुला राशि में प्रवेश को तुला संक्रांति कहते हैं। तुला राशि में सूर्य नीच का माना गया है जबकि मेष राशि में उच्च का। सौर मास के दो हिस्से है उत्तरायण और दक्षिणायम। सूर्य के मकर राशी में जाने से उत्तरायण प्रारंभ होता है और कर्क में जाने पर दक्षिणायन प्रारंभ होता है। इस बीच तुला संक्रांति होती है। तुला संक्रांति का महत्व दक्षिण भारत में ज्यादा है।
कब है तुला संक्रांति | tula sankranti kya hai: सूर्य का 17 अक्टूबर 2024 गुरुवार को सुबह 7 बजकर 27 मिनट पर बुध की राशि कन्या से निकलकर तुला में प्रवेश कर गए हैं जो अब हर राशि के जातकों को प्रभावित करेंगे।
 
तुला संक्रान्ति पुण्य काल- प्रात: 06:24 से 11:44 के बीच।
तुला संक्रांति महा पुण्य काल- प्रात: 06:24 से 09:48 के बीच।
तुला संक्रान्ति का क्षण- प्रात: 07:27 पर।
 
तुला संक्रांति का महत्व | Significance of Tula Sankranti: 
- तुला संक्रांति का कर्नाटक में खास महत्व है। वहां इसे ‘तुला संक्रमण’ कहा जाता है। 
- इस दिन ‘तीर्थोद्भव’ या 'तीर्थधव' के नाम से कावेरी के तट पर मेला लगता है, जहां स्नान और दान-पुण्‍य किया जाता है। 
- इस तुला माह में गणेश चतुर्थी की भी शुरुआत होती है। कार्तिक स्नान प्रारंभ हो जाता है।
- संक्रांति का सम्बन्ध कृषि, प्रकृति और ऋतु परिवर्तन से भी है। 
- संक्रांति के दिन नदी स्नान और पितृ तर्पण भी किया जाता है।
- संक्रांति के दिन पूजा करने के बाद गुड़-तिल का प्रसाद बांटाते हैं। 
- पूर्णिमा, चतुर्थी, एकादशी, प्रदोष जैसे व्रतों की तरह संक्रांति के दिन की भी बहुत मान्यता है। 
- मत्स्यपुराण में संक्रांति के व्रत का वर्णन किया गया है।

लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 12 राशियों में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान?

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 03 सितंबर 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

मंगल का पुनर्वसु नक्षत्र में गोचर: जानिए 12 राशियों पर इसका प्रभाव

शुक्र का अपनी ही राशि में गोचर: जानिए 12 राशियों पर प्रभाव और मालव्य राजयोग का गणित

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026: पूजन सामग्री, शुभ योग और अचूक धार्मिक उपाय

02 September Birthday: आपको 02 सितंबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

अगला लेख