dharma sangrah
✕

सूर्य तुला संक्रांति आज, जानें महत्व और पूजा का शुभ मुहूर्त

Updated: गुरुवार, 17 अक्टूबर 2024 (12:47 IST)
Tula sankranti 2023: सूर्य के राशि परिवर्तन को संक्रांति कहते हैं। वर्ष में 12 संक्रांतियां होती हैं जिनमें से मकर, मेष, मिथुन, धनु और कर्क संक्रांति को महत्वपूर्ण माना जाता है परंतु किन्हीं राज्यों में कन्या, तुला और मीन संक्रांति को भी महत्व दिया जाता है। आओ जानते हैं  कि तुला संक्रांति कब है, क्या है इसका महत्व और पूजा का शुभ मुहूर्त।ALSO READ: Tula sankranti 2024: तुला संक्रांति का महत्व और पूजा विधि
 
तुला संक्रांति कब होगी: 18 अक्टूबर 2023 बुधवार को तुला संक्रांति होगी। सूर्य करीब दोपहर 01 बजकर 18 मिनट पर तुला राशि में प्रवेश करेगा। 
 
सूर्य में तुला का प्रभाव : सूर्यदेव मेष राशि में उच्च के और तुला राशि में नीच के होते हैं। इसलिए इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। सौर मास के दो हिस्से है उत्तरायण और दक्षिणायम। सूर्य के मकर राशि में जाने से उत्तरायण प्रारंभ होता है और कर्क में जाने पर दक्षिणायन प्रारंभ होता है। इस बीच तुला संक्रांति होती है।
 
शुभ मुहूर्त:-
अमृत काल : सुबह 10:24 से 12:02 तक।
विजय मुहूर्त : दोपहर 02:20 से 03:07 तक।
गोधूलि मुहूर्त : शाम 06:14 से 06:38 तक।
सर्वार्थ सिद्धि योग : सुबह 06:33 से 09:01 तक।
अमृत सिद्धि योग : सुबह 06:33 से 09:01 तक।
रवि योग : सुबह 06:33 से 09:01 तक।
 
तुला संक्रांति का महत्व | Significance of Tula Sankranti:-
 
 

Show comments

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 12 राशियों में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान?

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 18 सितंबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

बुधादित्य राजयोग से चमकेगा 4 राशियों का भाग्य! कन्या राशि में बुध-सूर्य की युति से मिलेंगे शुभ संकेत

भविष्य मालिका की भविष्यवाणी: क्या मक्का-मदीना में होगा घोर युद्ध? जानें क्या किया गया है दावा

नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर: जानिए कुंडली में क्या कहते हैं ग्रह-नक्षत्र और भविष्य के संकेत

नीच के मंगल का देश-दुनिया और 12 राशियों पर कैसा होगा असर? इन मामलों में रहें सतर्क