suvichar

26 दिसंबर को साल का आखिरी कंकणाकृति सूर्यग्रहण : जानिए क्या होगा 12 राशियों पर असर

Updated: मंगलवार, 24 दिसंबर 2019 (14:24 IST)
26 दिसंबर को होगा इस वर्ष का अंतिम सूर्यग्रहण-
 
वर्ष 2019 अपने अवसान की ओर अग्रसर है। यह वर्ष एक माह पश्चात् अपनी खट्टी-मीठी यादों को हम सब के मन में स्थापित कर विदा हो जाएगा। वर्ष 2019 की इस विदाई-बेला में इस साल का अंतिम सूर्यग्रहण दिनांक 26 दिसंबर को होने जा रहा है। यह ग्रहण सम्पूर्ण भारतवर्ष में दिखाई देगा इसलिए इसके समस्त यम-नियम प्रत्येक भारतवासी के लिए मान्य होंगे। यह एक खंडग्रास सूर्यग्रहण होगा जो कंकणाकृति अर्थात् कंगन के आकार में दिखाई देगा। जानते हैं कि यह खंडग्रास सूर्यग्रहण किन राशि के जातकों के लिए शुभ व अशुभ फलदायी रहेगा और इसके यम-नियम कब से मान्य होंगे।
ग्रहण विषयक संपूर्ण जानकारी-
 
ग्रहण का प्रकार- खंडग्रास सूर्यग्रहण 
 
दृश्यमान-संपूर्ण भारतवर्ष में 
 
ग्रहण की दिनांक- 26 दिसंबर 2019, (पौष अमावस)
ग्रहण का सूतक- 25 दिसंबर 2019 को रात्रि 8:10 मिनट से प्रारंभ
ग्रहण का स्पर्शकाल- 26 दिसंबर को प्रात:- 8:10 मिनट से
ग्रहण का मोक्ष (शुद्धिकाल)- 26 दिसंबर को प्रात:- 10:51 मिनिट पर
ग्रहण का पर्वकाल- ग्रहण का पर्वकाल कुल 2 घंटे 41 मिनट का रहेगा।
 
राशियों पर प्रभाव-
 
1. उत्तम फलदायक-कर्क, तुला, कुंभ,मीन
2. मध्यम फलदायक-मेष,मिथुन,सिंह,वृश्चिक
3. अशुभ फलदायक-वृषभ,कन्या,धनु, मकर
मध्यम और अशुभ फल वाली राशियों के लिए ग्रहण के अशुभ प्रभाव से बचने हेतु आवश्यक उपाय-
 
1. मेष राशि- ग्रहण का दर्शन ना करें एवं मसूर की दाल दान करें। ग्रहण के मोक्ष (शुद्धिकाल) होने पर रक्त चन्दन मिश्रित जल से स्नान करें।
2. वृषभ राशि- ग्रहण का दर्शन ना करें एवं पंचामृत दान करें। ग्रहण के मोक्ष (शुद्धिकाल) होने पर केसर मिश्रित जल से स्नान करें।
3. मिथुन राशि- ग्रहण का दर्शन ना करें एवं मूंगदाल से बनी मिठाई दान करें। ग्रहण के मोक्ष (शुद्धिकाल) होने पर शहद मिश्रित जल से स्नान करें।
4. सिंह राशि- ग्रहण का दर्शन ना करें एवं गुड़ दान करें। ग्रहण के मोक्ष (शुद्धिकाल) होने पर जल में मुलेठी व लाल पुष्प डालकर स्नान करें।
5. कन्या राशि- ग्रहण का दर्शन ना करें एवं हरे फल दान करें। ग्रहण के मोक्ष (शुद्धिकाल) होने पर जायफल मिश्रित जल से स्नान करें।
6. वृश्चिक राशि- ग्रहण का दर्शन ना करें एवं ताम्रपात्र दान करें। ग्रहण के मोक्ष (शुद्धिकाल) होने पर हींग मिश्रित जल से स्नान करें।
7. धनु राशि- ग्रहण का दर्शन ना करें एवं गाय के घी से बनी मिठाई दान करें। ग्रहण के मोक्ष (शुद्धिकाल) होने पर हल्दी मिश्रित जल से स्नान करें।
8. मकर राशि- ग्रहण का दर्शन ना करें एवं काला या नीला कंबल दान करें। ग्रहण के मोक्ष (शुद्धिकाल) होने पर जल में काले तिल डालकर स्नान करें।
 
-ज्योतिर्विद् पं. हेमंत रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केंद्र 
संपर्क : astropoint_hbd@yahoo.com
लेखक के बारे में
पं. हेमन्त रिछारिया
ज्योतिर्विद पं. हेमन्त रिछारिया ज्योतिष प्रभाकर उपाधि से सम्मानित हैं। विगत 12 वर्षों से ज्योतिष संबंधी अनुसंधान एवं ज्योतिष से जुड़ी गलत धारणाओं का खंडन कर वास्तविक ज्योतिष के प्रचार-प्रसार में योगदान दे रहे हैं। कई ज्योतिष आधारित पुस्तकों का लेखन।.... और पढ़ें

Show comments

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 12 राशियों में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान?

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 06 सितंबर 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

राहु-केतु गोचर: जानें कब हो रहा है राशि परिवर्तन और किन राशियों की चमकेगी किस्मत

सूर्य-शनि के षडाष्टक योग से चमकेगा 5 राशियों का भाग्य, जानें क्या आपकी राशि शामिल है?

Weekly Numerology Horoscope: साप्ताहिक अंक भविष्यफल 7 सितंबर से 13 सितंबर 2026: जानिए आपके मूलांक का सटीक राशिफल

बुध का उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में गोचर: 3 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की और धन के रास्ते

अगला लेख