dipawali
✕

शाम के समय झाड़ू क्यों नहीं निकालते हैं, जानिए 10 काम जिन्हें शाम को करने की है मनाही

Updated: सोमवार, 18 अप्रैल 2022 (17:55 IST)
sunset
Astrology : शाम या संध्या को संधिकाल कहते हैं। किसी समय का परिवर्तन काल, संधि काल होता है जैसे रात के बाद दिन प्रारंभ होता है, लेकिन दोनों के बीच जो काल होता है उसे संधिकाल कहते हैं। इसी तरह सूर्यास्त के बाद दिन अस्त तक के काल को संध्या या शाम कहते हैं। सायंकाल के बाद तब प्रदोष काल होता है। इस काल में कुछ ऐसे कार्य हैं जिन्हें करने की मनाही होती है। उन्हीं में से 10 प्रमुख कार्य तो बिल्कुल न करें अन्यथा नुकसान होगा।
 
 
1. संध्याकाल में झाड़ू लगाने की मनाही है।
2. इस काल में सोना मना है।
3. सहवास करने की सख्त मनाही है।
4. खाना-पीना नहीं चाहिए।
5. यात्रा करना वर्जित है।
6. क्रोध करना, शोर-शराब करना, झगड़े करना, असत्य, शाप देना, रोना, जोर-जोर से हंसना, गालियां देना, अभद्र या कटु वचन कहना मना है।
7. इस काल में शपथ नहीं लेना चाहिए।
8. धन का लेन देना करना भी मना है।
9. वेद मंत्रों का पाठ करना या कोई शुभ कार्य करना।
10. चौखट पर खड़े होना।
 
उपरोक्त नियम का पालन नहीं करने से जहां एक ओर बरकत चली जाती है वहीं व्यक्ति कई तरह के संकटों से घिर जाता है। संध्या काल में शनि, राहु और केतु के साथ ही शिव के गण सक्रिय रहते हैं।

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 12 राशियों में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान?

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल- 17 अक्‍टूबर, 2026

17 October Birthday: आपको 17 अक्‍टूबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 17 अक्‍टूबर 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

मंगल और शनि का त्रिकोण दृष्टि योग, 5 राशियों के लिए पराक्रम दिखाने का समय

विजयादशमी का महाउपाय: 100 रुपए की इस एक दिव्य वस्तु से चमक जाएगी आपकी किस्मत

अगला लेख