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रवि पुष्य में घर लाएं मां लक्ष्मी की पारद प्रतिमा, जानिए 7 काम की बातें

रवि पुष्यामृत संयोग में महालक्ष्मी की पारद से बनी मूर्ति खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है। माता लक्ष्मी धन, सुख, खुशियां, सौभाग्य, वैभव, संपत्ति, सफलता, प्रगति और ऐश्वर्य की देवी है।

रवि पुष्य के दिन लक्ष्मी उपासना में पारद लक्ष्मी का स्मरण व पूजन अपार खुशहाली देने वाला है। आर्थिक परेशानियों को दूर करने वाला है। व्यवसाय में बढ़ोत्तरी और नौकरी में तरक्की के लिए पारे से बनी लक्ष्मी प्रतिमा के पूजन का विशेष महत्व है। पढ़ें यह काम की बातें :  
1 . रवि पुष्य के दिन पारद लक्ष्मी की प्रतिमा (पारे से बनी मूर्ति) खरीदने से पहले इच्छुक व्यक्ति को सबसे पहले स्नान कर खुद को पवित्र बनाना चाहिए।
2. रवि पुष्य योग वाले दिन शुभ चौघडिया में पारद लक्ष्मी की प्रतिमा घर लाकर पूजा करनी चाहिए।
3 . उपासना के दौरान एक विशेष मंत्र का जप करने से हर तरह का आर्थिक संकट दूर होता है।  
 
ॐ श्री विघ्नहराय पारदेश्वरी महालक्ष्यै नम: ।।
4. मां लक्ष्मी को लाल चंदन, अक्षत, लाल वस्त्र और दूध से बने पकवान चढ़ाने चाहिए। 
5. इसके बाद माता को 108 लाल रंग के फूल अर्पित करें। 
6. फूल चढ़ाने के बाद माता लक्ष्मी की आरती पांच बत्तियों वाले दीप से कर अपने आर्थिक संकट दूर करने की प्रार्थना करनी चाहिए। 
7. इस मूर्ति का दीपावली के दिन तक रोज पूजन करना चाहिए। फिर इसे तिजोरी में स्थापित करना चाहिए।

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