dharma sangrah

खरीदारी के लिए महामुहूर्त माना गया है पुष्य नक्षत्र, देता है अक्षय फल, जानिए 6 विशेष बातें...

Updated: मंगलवार, 30 अक्टूबर 2018 (15:14 IST)
वैसे तो हर किसी शुभ कार्य के लिए अलग-अलग मुहूर्त होते हैं, लेकिन कुछ मुहूर्त हर कार्य के लिए विशेष होते हैं। इन्हीं में एक है, पुष्य नक्षत्र जिसे खरीदारी से लेकर अन्य शुभ कार्यों तक महामुहूर्त का स्थान प्राप्त है। 
 
हिन्दू धर्म में कई व्रत, पर्व और त्योहार हैं और सबका अपना महत्व है। इन सभी पर्वों में मुहूर्त का विशेष महत्व होता है, जिसमें सबसे खास है पुष्य नक्षत्र। यहां जानिए पुष्य नक्षत्र का महत्व - 
 
* दीपावली के पहले आने वाला पुष्य नक्षत्र विशेष होता है, क्योंकि यह मुहूर्त खास तौर से खरीदारी के लिए शुभ माना जाता है। दीपावली के समय लोग घर सजाने की चीजें, सोना, चांदी एवं अन्य सामान की सबसे ज्यादा खरीदी करते हैं, जो पुष्य नक्षत्र आने से और भी शुभ हो जाती है। 
 
*  पुष्य नक्षत्र में खास तौर से स्वर्ण की खरीदी का महत्व होता है। लोग इस दिन स्वर्ण की खरीदी भी इसलिए करते हैं, क्योंकि इसे शुद्ध, पवित्र और अक्षय धातु के रूप में माना जाता है और पुष्य नक्षत्र पर इसकी खरीदी अत्यधिक शुभ होती है।
 
* पुष्य नक्षत्र को सभी नक्षत्रों का राजा भी कहा जाता है। ऋगवेद में पुष्य नक्षत्र को मंगलकर्ता भी कहा गया है। इसके अलावा यह समृद्धिदायक, शुभ फल प्रदान करने वाला नक्षत्र माना गया है। 
 
* पुष्य नक्षत्र को खरीदारी के लिए विशेष मुहूर्त माना जाता है, क्योंकि यह नक्षत्र स्थायी माना जाता है और इस मुहूर्त में खरीदी गई कोई भी वस्तु अधिक समय तक उपयोगी और अक्षय होती है। इसके अलावा इस मुहूर्त में खरीदी गई वस्तु हमेशा शुभ फल प्रदान करती है।
 
*  पुष्य नक्षत्र स्वास्थ्य और सेहत की दृष्ट‍ि से भी विशेष महत्व रखता है। पुष्य नक्षत्र पर शुभ ग्रहों का प्रभाव होने पर यह सेहत संबंधी कई समस्याओं को समाप्त करने में सक्षम होता है। शारीरिक कष्ट निवारण के लिए यह मुहूर्त शुभ होता है।
 
* पुष्य नक्षत्र के देवता बृहस्पति देव माने गए हैं और शनि को इस नक्षत्र का दिशा प्रतिनिधि माना जाता है। चूंकि बृहस्पति शुभता, बुद्धि‍मत्ता और ज्ञान का प्रतीक हैं तथा शनि स्थायि‍त्व का, इसलिए इन दोनों का योग मिलकर पुष्य नक्षत्र को शुभ और चिर स्थायी बना देता है।

ALSO READ: मंगल-बुध पुष्य नक्षत्र पर एकाक्षी नारियल करेगा चमत्कार, धन-संपत्ति का लगेगा अंबार
 

Show comments

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 12 राशियों में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान?

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

सभी देखें

12 August Birthday: आपको 12 अगस्त, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Solar eclipse 2026: सबसे दुर्लभ सूर्यग्रहण, छा जाएगा इन देशों में दिन में अंधेरा, भारत पर क्या होगा असर?

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (12 अगस्‍त, 2026)

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 12 अगस्‍त 2026: बुधवार का पंचांग और शुभ समय

नाग पंचमी पर इन 5 उपायों से दूर होंगे कालसर्प और पितृदोष के दोष, जानें विधि

अगला लेख