Hanuman Chalisa

अगहन माह में करें शंख पूजा...बरसेगा अपार धन, जानें किस मंत्र से कैसे करें पूजन...

Updated: बुधवार, 16 नवंबर 2016 (17:14 IST)
* मार्गशीर्ष माह में है शंख पूजन का विशेष महत्व, जानिए सामग्री, मंत्र एवं पूजा विधि 


 
विष्णु पुराण के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान प्राप्त हुए 14 रत्नों में से ये एक रत्न है शंख। सुख-सौभाग्य की वृद्धि के लिए इसे अपने घर में स्थापित करना चाहिए। माना जाता है कि अगहन (मार्गशीर्ष) के महीने में शंख पूजन का विशेष महत्व है। अगहन के महीने में किसी भी शंख को भगवान श्रीकृष्ण का पंचजन्य शंख मान कर उसका पूजन-अर्चन करने से मनुष्‍य की समस्त इच्छाएं पूरी होती हैं।
 
दक्षिणावर्ती शंख को लक्ष्मी स्वरूप कहा जाता है। इसके बिना लक्ष्मीजी की आराधना पूरी नहीं मानी जाती है। अगहन मास में खास तौर पर गुरुवार के दिन लक्ष्मी पूजन करते समय दक्षिणावर्ती शंख की पूजा अवश्य करनी चाहिए। इसके अलावा भी प्रतिदिन घर में शंख पूजन करने से जीवन में कभी भी रुपए-पैसे, धन की कमी महसूस नहीं होती। 
 
अगहन मास में निम्न मंत्र से शंख पूजा करनी चाहिए। 
 
* त्वं पुरा सागरोत्पन्न विष्णुना विधृत: करे।
निर्मित: सर्वदेवैश्च पाञ्चजन्य नमोऽस्तु ते।
तव नादेन जीमूता वित्रसन्ति सुरासुरा:।
शशांकायुतदीप्ताभ पाञ्चजन्य नमोऽस्तु ते॥
 
 

 

कैसे करें शंख पूजन, जानिए सामग्री की सूची : 
 
* शंख 
* कुंमकुंम, 
* चावल, 
* जल का पात्र,
* कच्चा दूध, 
* एक स्वच्छ कपड़ा,
* एक तांबा या चांदी का पात्र (शंख रखने के लिए) 
* सफेद पुष्प, 
* इत्र, 
* कपूर, 
* केसर, 
* अगरबत्ती, 
* दीया लगाने के लिए शुद्ध घी, 
* भोग के लिए नैवेद्य 
* चांदी का वर्क आदि। 
 
 

 
ऐसे करें शंख का पूजन - 
 
* प्रात: काल में स्नान कर स्वच्छ धुले हुए वस्त्र धारण करें। 
 
* पटिए पर एक पात्र में शंख रखें। 
 
* अब उसे कच्चे दूध और जल से स्नान कराएं। 
 
* अब स्वच्छ कपड़े से उसे पोंछें और उस पर चांदी का वर्क लगाएं। 
 
* तत्पश्चात घी का दीया और अगरबत्ती जला लीजिए। 
 
* अब शंख पर दूध-केसर के मिश्रित घोल से श्री एकाक्षरी मंत्र लिखें तथा उसे चांदी अथवा तांबा के पात्र में स्थापित कर दें। 
 
* अब उपरोक्त शंख पूजन के मंत्र का जप करते हुए कुंमकुंम, चावल तथा इत्र अर्पित करके सफेद पुष्प चढ़ाएं। 
 
* नैवेद्य का भोग लगाकर पूजन संपन्न करें। 

- आर.के. 
 

Show comments

गीता के छठे अध्याय के 10वें श्लोक की सही व्याख्या क्या है? मौलाना जरजिस अंसारी के दावे की पड़ताल

Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी से शुरू होंगे चातुर्मास, 4 महीने के लिए लग जाएगी मंगल कार्यों पर रोक

सूर्य का कर्क राशि में गोचर: कर्क संक्रांति से देश, दुनिया और आपके जीवन पर क्या होगा असर?

पुरी के जगन्नाथ मंदिर और रथयात्रा का इतिहास: कब, कैसे और क्यों हुई शुरुआत?

श्री जगन्नाथ रथयात्रा से जुड़े 12 ऐसे रोचक तथ्य, जिन्हें जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान

सभी देखें

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की नौवीं देवी मां मातंगी, जानिए पूजा विधि

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (22 जुलाई, 2026)

22 July Birthday: आपको 22 जुलाई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 22 जुलाई 2026: बुधवार का पंचांग और शुभ समय

भड़ली नवमी 2026: खरीदारी के लिए कब रहेगा शुभ मुहूर्त? जानें अच्छे संयोग और खास समय

अगला लेख