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Phalgun Festivals List 2026 : हिंदू कैलेंडर का अंतिम माह, फाल्गुन मास, जानिए इसका महत्व और व्रत त्योहारों की लिस्ट

Written By WD Feature Desk
Updated: मंगलवार, 3 फ़रवरी 2026 (16:22 IST)
Festivals in Phalgun month: हिंदू कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन मास वर्ष का बारहवां और अंतिम महीना होता है। यह महीना न केवल शिशिर ऋतु की विदाई और वसंत के आगमन का प्रतीक है, बल्कि यह भक्ति, उल्लास और रंगों का संगम भी है। मार्च 2026 में फाल्गुन मास का अधिकांश समय रहेगा, जो आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
 

वर्ष 2026 में फाल्गुन मास की प्रमुख व्रत की तिथियां इस प्रकार रहने की संभावना है...

 
  1. फाल्गुन मास का महत्व
  2. फाल्गुन मास के प्रमुख व्रत और त्योहार की सूची
 

फाल्गुन मास का महत्व

 
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन का नाम फाल्गुनी नक्षत्र पर आधारित है। इस बार 02 फरवरी 2026, सोमवार से फाल्गुन मास का प्रांरभ हो रहा है। यह आनंद और मोक्ष का महीना है। इस महीने को लेकर कुछ विशेष बातें इसे खास बनाती हैं।माना जाता है कि इसी महीने में चंद्र देव का जन्म हुआ था, इसलिए मानसिक शांति के लिए चंद्रमा की पूजा फलदायी होती है। फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि मनाई जाती है, जो शिव और माता पार्वती के विवाह का उत्सव है। अत: यह माह शिव-शक्ति का मिलन पर्व भी है।

फाल्गुन में भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप और राधा-कृष्ण की रंगों वाली होली का विशेष महत्व है। इस तरह फाल्गुन श्रीकृष्ण की भक्ति का समय भी होता है। मान्यता के अनुसार इस माह में शुद्ध घी, वस्त्र और तिल का दान करना अक्षय पुण्य प्रदान करता है।ALSO READ: होलिका दहन पर भद्रा और चंद्र ग्रहण का साया, कब मनाएं होली और धुलंडी?
 

फाल्गुन मास के प्रमुख व्रत और त्योहार की सूची

 
3 फरवरी : शब्बे रात, शब-ए-बारात।
 
5 फरवरी : गणेश अंगारकी चतुर्थी।
 
13 फरवरी : विजया एकादशी व्रत।
 
14 फरवरी : सौर फाल्गुन मास प्रा. शनि प्रदोष व्रत।
 
15 फरवरी : शिव और शक्ति के मिलन का महापर्व महाशिवरात्रि। 
 
16 फरवरी : फाल्गुन अमावस्या।
 
19 फरवरी : रमजान मास और रोजे प्रारंभ। 
 
19 फरवरी : रामकृष्ण परमहंस और गुरु गोलवलकर जयंती, फुलरिया दोज पर्व।
 
21 फरवरी : विनायकी चतुर्थी।
 
24 फरवरी : होलाष्टक प्रारंभ। 
 
27 फरवरी : आमलकी एकादशी, रंगभरी ग्यारस।
 
28 फरवरी: गोविंद द्वादशी, मेला खाटू श्याम जी।
 
24 फरवरी-2 मार्च : होलाष्टक (होली से 8 दिन पहले का समय, जिसमें शुभ कार्य वर्जित होते हैं)।
 
2 मार्च 2026 : होलाष्टक समाप्त, व्रत की पूर्णिमा, होलिका दहन
 
3 मार्च 2026 : खग्रास ग्रस्तोदित चंद्रग्रहण, फाल्गुन पूर्णिमा (होली)
 
4 मार्च 2026 : पूर्णिमा तिथि में धुलैंडी नहीं मनाते हैं, अत: होली (धुलेंड़ी)/ रंग वाली होली इस बार 4 मार्च, बुधवार चैत्र कृष्ण प्रतिपदा/ एकम को मनाई जाएगी।
 
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