शुक्रवार, 30 जनवरी 2026
  1. धर्म-संसार
  2. ज्योतिष
  3. ज्योतिष आलेख
  4. Venus will rise on 2 February 2026

02 फरवरी 2026 को होगा शुक्रोदय, समस्त शुभ कार्य होंगे प्रारंभ

शुक्र तारा उदय से संबंधित फोटो
Shukra Uday effects: हमारे सनातन धर्म में प्रत्येक कार्य के लिए एक अभीष्ट मुहूर्त निर्धारित है। वहीं कुछ अवधि ऐसी भी होती है जब शुभकार्य के मुहूर्त का निषेध होता है। इस अवधि में सभी शुभ कार्य जैसे विवाह, मुण्डन, सगाई, गृहारंभ व गृहप्रवेश के साथ व्रतारंभ एवं व्रतउद्यापन आदि वर्जित रहते हैं।ALSO READ: February Monthly Horoscope 2026: फरवरी माह 2026 का मासिक राशिफल, जानिए 12 राशियों का क्या होगा हाल
 
शुभ एवं मांगलिक मुहूर्त के निर्धारण में गुरु एवं शुक्र के तारे का उदित स्वरूप होना बहुत आवश्यक है। गुरु व शुक्र के तारे के अस्त होने पर किसी भी प्रकार के शुभ एवं मांगलिक कार्यों के मुहूर्त नहीं बनते।
 
इसी क्रम में आगामी 02 फरवरी फाल्गुन कृष्ण प्रतिपदा दिन सोमवार को शुक्र का तारा पश्चिम दिशा में उदित होगा। शुक्रोदय होने के साथ ही विगत एक माह से चला आ रहा विवाह आदि शुभ एवं मांगलिक कार्यों पर लगा विराम हट जाएगा एवं विवाह, मुण्डन, सगाई, गृहारंभ व गृहप्रवेश के साथ व्रतारंभ एवं व्रतउद्यापन आदि शुभ कार्य पुन: प्रारंभ हो जाएंगे।
 

17 फरवरी को होगी भौमवती अमावस्या-

 
हमारे शास्त्रों में भौमवती अमावस्या को अति दुर्लभ एवं पवित्र मुहूर्त माना गया है। दुर्गा सप्तशती में भौमावस्या के दिन मां दुर्गा की आराधना करने से अभीष्ट फल की प्राप्ति एवं अनंत पुण्यफल के प्राप्त होने का वर्णन मिलता है। आगामी 17 फरवरी को भौमवती अमावस्या है। भौमवती अमावस्या के आशय है कि जिस दिन मंगलवार के दिन अमावस्या होती है उसे 'भौमवती अमावस्या' या 'भौमावस्या' कहा जाता है। 
 
यह देवी आराधना के लिए एक अत्यंत दुर्लभ व पवित्र मुहूर्त माना जाता है। भौमवती अमावस्या के दिन देवी आराधना करने से साधक को अनं‍त गुना पुण्यफल की प्राप्ति होती है एवं उसके समस्त कष्ट एवं बाधाएं दूर होती हैं।
 
-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केन्द्र
सम्पर्क: [email protected]