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Written By WD Feature Desk
Last Updated : मंगलवार, 27 जनवरी 2026 (15:58 IST)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच होगा युद्ध, क्या कहती है भविष्‍यवाणी?

ईरान अमेरिका के फ्‍लैग के बख्तरबंद टैंक और ऊपर लिखा 'ईरान और अमेरिका युद्ध पर बड़ी भविष्‍यवाणी'
Us iran tensions 2026: पिछले वर्ष जून 2026 में इजरायल और ईरान में 12 दिनों तक युद्ध हुआ और अंत में अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया। ईरान के जवाबी हमलों, विशेष रूप से कतर और सीरिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमलों के बाद ट्रम्प और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को युद्धविराम का फैसला लेना पड़ा। लेकिन जानकार लोग कहते हैं कि यह तो बड़े युद्ध का ट्रेलर था। भविष्य में ईरान पर अमेरिका एक बड़ी कार्रवाई की योजना बना रहा है। इस संबंध में क्या कहती है ज्योतिष की भविष्यवाणी। 
 

दुनिया के मौजूदा हालात:

यूक्रेन रशिया का युद्ध चल ही रहा था कि हमास ने इजराइल में आतंकवादी हमला करके इजराइल गाजा में युद्ध शुरू करवा दिया। यह चल ही रहा था कि पाकिस्तान ने भारत के पहलगाम में आतंकवादी हमला करवाकर युद्ध की आग भड़का दी। यह शांत हुआ ही था कि इजराइल ने ईरान पर हमला कर दिया और अब अमेरिका भी इस युद्ध में कूद पड़ा था। चीन और वियतना का युद्ध कभी भी भड़क सकता है। दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया तो परमाणु के ढेर पर बैठे हैं। दुनिया के कई छोटे देश आंतरिक संघर्ष, गृहयुद्ध और पड़ोसियों से युद्ध में उलझे हुए हैं। ऐसी ही स्थिति दूसरे विश्‍वयुद्ध के पहले भी थी। 
 

1. भविष्यवक्ताओं की भविष्यवाणियां (Prophecies)

बाबा वेंगा (Baba Vanga): इनकी भविष्यवाणियों के अनुसार 2026 में एक बड़े वैश्विक संघर्ष या 'तीसरे विश्व युद्ध' की शुरुआत हो सकती है। इसे अक्सर "पूर्व" (Middle East/Asia) से शुरू होने वाले युद्ध के रूप में देखा जा रहा है।
 
एथोस सैलोमे (Living Nostradamus): ब्राजील के इस भविष्यवक्ता ने चेताया है कि 2026 में ईरान और इजरायल/अमेरिका के बीच युद्ध का तरीका बदल जाएगा। उन्होंने 'अदृश्य युद्ध' (साइबर हमले और ड्रोन तकनीक) और ईरान के परमाणु ठिकानों पर संभावित हमलों की बात कही है।
 
नास्त्रेदमस: इनके काव्यों की व्याख्या करने वाले मानते हैं कि एक "बड़ा बेड़ा" (Massive Fleet) समुद्र में टकराएगा, जिसे वर्तमान में अमेरिका द्वारा खाड़ी क्षेत्र में भेजे गए विमानवाहक पोतों (USS Abraham Lincoln) से जोड़कर देखा जा रहा है।
 
नास्त्रेदमस की कुछ भविष्यवाणियां बताती हैं कि युद्ध से पहले भारी प्राकृतिक आपदाएं, भुखमरी, और आर्थिक संकट आएंगे। उन्होंने स्पष्ट रूप से कोई तारीख नहीं दी, लेकिन कुछ अनुमान यह बताते हैं कि 2025 से 2032 के बीच एक बड़ा युद्ध हो सकता है। नास्त्रेदमस के अनुसार एक उकसावे वाली कार्रवाई के चलते महाशक्ति भड़क जाएगी और लाल सागर में खून बहेगा। इस घटना के बाद तीसरा विश्‍व युद्ध प्रारंभ हो जाएगा। 
 
चौपाई 1: Century VIII, Quatrain 77
“The antichrist very soon annihilates the three, Twenty-seven years his war will last. The unbelievers are dead, captive, exiled; With blood, human bodies, water and red hail covering the earth.”
अर्थ: "दुष्ट बहुत जल्द तीनों (शक्तियों) को नष्ट कर देगा, उसका युद्ध 27 वर्षों तक चलेगा।  अविश्वासी मारे जाएंगे, बंदी बनाए जाएंगे, निर्वासित किए जाएंगे, धरती पर खून, मानव शरीर, पानी और लाल ओले बरसेंगे।"
 
व्याख्या: तीन से तात्पर्य तीन प्रमुख शक्तियों (संभवतः अमेरिका, रूस, चीन) से हो सकता है। '27 वर्षों का युद्ध' बहुत लंबा और विनाशकारी होगा। 'लाल ओले' को कुछ लोग परमाणु हमले के रूप में देखते हैं।
 
अधिकतर भविष्यवाणियां 2026 को "विनाश और बदलाव का साल" बताती हैं। हालांकि, व्यावहारिक रूप से यह एक "ग्रे ज़ोन" (Grey Zone) संघर्ष की तरह है- जहाँ न तो पूर्ण शांति है और न ही पूर्ण युद्ध।
 
 भविष्यवाणियां अक्सर प्रतीकात्मक होती हैं और उन्हें वर्तमान घटनाओं के अनुसार व्याख्यायित किया जाता है। असल परिणाम कूटनीति और वैश्विक नेतृत्व के फैसलों पर निर्भर करेगा।
 

कैलेंडर की कुंडली:

ईसाई और मुस्लिम कैलेंडर: 1 जनवरी 2026 से ईसाई कैंलेंडर का नया वर्ष प्रारंभ हुआ है और 17 जून से हिजरी वर्ष 1448 प्रारंभ होगा। दोनों के इस समय की कुंडली में षडाष्टक योग बना है जो दोनों के बीच लड़ाई को चरम पर ले जाएगा। ईसाई और मुस्लिमों की लड़ाई में नया मोड़ आएगा। ईसाई कैलेंडर की कुंडली के चतुर्थ भाव में चार ग्रहों की युति है- सूर्य, शुक्र, बुध और मंगल, सप्तम भाव के शनि का केतु के साथ षडाष्टक योग बना है। यह स्थिति सुख और शांति को नष्ट करने वाली है। दूसरी ओर हिजरी संवत में लग्न में राहु है और गुरु छठे भाव में शुक्र के साथ है। पंचम भाव में सूर्य, चंद्र और बुध की युति है और शनि दूसरे एवं मंगल तीसरे भाव में है। इसका अर्थ है कि इस्लाम एकजुट होकर दुनिया में कहर तो बरपाएगा लेकिन वे अपना कुल नहीं बचा पाएंगे। अंतरिक कलह से उनके देशों में क्रांति आएगी। हालांकि इस्लाम के कारण शांति पूरी तरह से भंग हो जाएगी और ईसाइयों के बुरे हालात रहेंगे।
 
हिंदू कैलेंडर: इधर 19 मार्च 2026 से हिंदुओं का कैलेंडर विक्रम संवत 2083 प्रारंभ होगा। ऐसे में वर्ष 2026 में असली चुनौती 19 मार्च 2026 से शुरू होगी, जब 'रौद्र नामक संवत्सर' का उदय होगा। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, यह समय अपने साथ भीषण विनाश और नरसंहार लेकर आ सकता है। वर्ष की कुंडली में अंगारक योग बना है। इस वर्ष के राजा गुरु (बृहस्पति) होंगे और मंगल मंत्री होंगे। वर्ष 2026 में बृहस्पति (गुरु) का गोचर सबसे अधिक निर्णायक होने वाला है। दूसरी ओर मंगल का मकर राशि में प्रवेश और शनि की वक्री चाल एक 'महादंगल' की ओर इशारा कर रही है। मकर से मेष राशि तक शनि के गोचर काल में न्याय का दंड चल रहा है। 
 
विक्रम संवत की कुंडली के लग्न में मंगल, राहु और बुध, तीसरे में शनि, सूर्य, चंद्र और शुक्र, पंचम में गुरु और सप्तम में केतु विराजमान है। इसके कारण हिंदुओं के ही भीतर आपसी लड़ाई के साथ ही मुस्लिमों से उनका संघर्ष बड़ेगा। इस दौरान हिंदुओं की स्थिति बहुत बुरी होने वाली है। यह स्थिति 2030 तक चलेगी। लग्न में अंगारक योग आपसी झगड़े कराएगा। तीसरा भाव भी आपसी कलह को दर्शाता है लेकिन पंचम भाव का गुरु बेंलेंस करेगा। 
 
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