शंकराचार्य विवाद पर उमा भारती का बड़ा बयान, बोलीं– सबूत मांगकर प्रशासन ने की मर्यादा की सीमा पार
Uma Bharti news in hindi : वरिष्ठ भाजपा नेता नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने अविमुक्तेश्वरानंद की शंकराचार्य की उपाधि को लेकर हो रहे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शंकराचार्य होने का सबूत मांगकर प्रशासन ने अपनी मर्यादाओं और अधिकारों का उल्लंघन किया है। ALSO READ: बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने दिया इस्तीफा, शंकराचार्य के अपमान से हैं आहत, यूपी में खलबली
उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि मुझे विश्वास है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच कोई सकारात्मक समाधान निकल आएगा।
उमा भारती ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से शंकराचार्य होने का सबूत मांगकर प्रशासन ने अपनी मर्यादाओं और अधिकारों का उल्लंघन किया है। यह अधिकार सिर्फ शंकराचार्यों और विद्वत परिषद का है।
उल्लेखनीय है कि प्रयागराज में चल रह माघ मेले में कुछ दिन पहले गंगा में स्नान से रोकने के आरोपों के बीच मेला प्रशासन ने अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को नोटिस जारी किया है। नोटिस में उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया था कि वह ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य की उपाधि का इस्तेमाल किस आधार पर कर रहे हैं। ALSO READ: शंकराचार्य विवाद: क्या है पूरा मामला? जानिए वजह और पृष्ठभूमिमुझे विश्वास है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज एवं उत्तर प्रदेश सरकार के बीच कोई सकारात्मक समाधान निकल आएगा किंतु प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा शंकराचार्य होने का सबूत मांगना, यह प्रशासन ने अपनी मर्यादाओं एवं अधिकारों का उल्लंघन किया है, यह अधिकार तो सिर्फ शंकराचार्यों…
— Uma Bharti (@umasribharti) January 27, 2026
मौनी अमावस्या के मौके़ पर अविमुक्तेश्वरानंद अपने समर्थकों के साथ संगम में स्नान के लिए जा रहे थे और आरोप है कि पुलिस ने उन्हें रोक दिया। घटना के बाद अविमुक्तेश्वरानंद अपने शिविर के बाहर धरना पर है। उन्होंने मेला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से माफ़ी की मांग की।
edited by : Nrapendra Gupta

