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UGC रूल्स पर कुमार विश्वास भी बोले, मैं अभागा सवर्ण हूं...
Poet Kumar Vishwas on UGC rules: यूजीसी रूल्स के देशभर में विरोध शुरू हो गया है। इस बीच, प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास ने सीधे-सीधे तो नहीं परोक्ष रूप से इन नियमों पर निशाना साधा है। उन्होंने इस संबंध में #UGC_RollBack के साथ स्व. कुमार रंजन की कविता का उल्लेख किया है। एक्स पर #UGCBlackLaw के साथ अन्य हैशटैग भी ट्रेंड कर रहे हैं।
क्या लिखा कुमार विश्वास ने
कवि कुमार विश्वास ने एक्स पर एक पोस्ट में सीधे परोक्ष रूप से यूजीसी रूल्स पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने इस संबंध में कवि स्व. कुमार रंजन की कविता का उल्लेख करते हुए लिखा- 'चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा, राई लो या पहाड़ लो राजा, मैं अभागा सवर्ण हूँ मेरा, रौंया-रौंया उखाड़ लो राजा ..।
“चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा,
— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) January 27, 2026
राई लो या पहाड़ लो राजा,
मैं अभागा सवर्ण हूँ मेरा,
रौंया-रौंया उखाड़ लो राजा ..।”
(स्व० रमेश रंजन) #UGC_RollBack pic.twitter.com/VmsZ2xPiOL
क्या कहा यूजर्स ने : कुमार विश्वास की इस पोस्ट पर यूजर्स ने अलग अलग प्रतिक्रियाएं जाहिर की हैं-
कपिल देव शर्मा ने लिखा- मेरी बेटी कक्षा 10 की छात्रा है उसके साथ पढ़ने वाली एक sc वर्ग की उसकी साथी लड़की उससे बार-बार कहती है कि मेरे पापा और सभी चाचा और मेरी मां और सभी चाचियां बुआ फूफा मौसी मौसा सभी सरकारी नौकरियों में हैं, मेरी बेटी कहती है कि पापाजी ये कैसे इतनी आसानी से सब लग जाते हैं सरकारी।
संतोष यादव ने लिखा- एक बार तुझे फिर से प्रणाम आंबेडकर। आज तेरी वजह से अहंकारी खुद को अभागा कहने लगे है। सच में तू न होता तो हम न लड़ पाते इन अभागों से। आरके मीणा ने लिखा- मेहनत करके खाने वाले शूद्र और मांग कर खाने वाले खुद को सर्वश्रेष्ठ बताते हैं यही तो लड़ाई है, फिर भी इनका घमंड नहीं जा रहा।
जितेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने लिखा- जिस देश में एक वर्ग विशेष को अतीत का हवाला दे देकर मां के पेट से ही उसे अपराधी का सर्टिफिकेट दे ये समाज, तो उस अतीत समाज और अब के समाज में क्या फर्क है। जो देश विश्व गुरु बनने का सपना देख रहा है वो क्या इस तरह से देश को सामाजिक खंड कर करके क्या विश्व गुरू बन सकता हैं। कभी नहीं..
Edited by: Vrijendra
