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शेफाली जरीवाला की मौत को लेकर सच हो गई पारस छाबड़ा की भविष्यवाणी, क्या कुंडली में छुपा था आकस्मिक मौत का कारण?

Written By WD Feature Desk
Updated: सोमवार, 30 जून 2025 (13:19 IST)
paras chhabra prediction on shefali Jariwala: 'कांटा लगा' गर्ल शेफाली जरीवाला की हाल ही में आकस्मिक निधन की खबर ने सबको स्तब्ध कर दिया है। उन्ही मौत के बाद से सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनलों पर एक विडिओ तेजी से वायरल हो रहा है। ये विडियो पारस छाबड़ा और शैफाली जरीवाला के पॉडकास्ट का एक हिस्सा है। आइये जानते हैं 10 महीने पुराने इस पॉडकास्ट में पारस छाबड़ा ने शेफाली से ऐसा क्या कहा था जिसे अब शेफाली की मौत की भविष्यवाणी माना जा रहा है:

पारस छाबड़ा ने पॉडकास्ट में कही थी चौंकाने वाली बात
लगभग 10 महीने पहले, एक पॉडकास्ट में पारस छाबड़ा ने शेफाली जरीवाला से बातचीत के दौरान कहा था कि शेफाली की कुंडली में कुछ ऐसे योग हैं जो आकस्मिक घटनाओं का संकेत देते हैं। पारस  ने शेफाली की कुंडली के 8वें घर में चंद्र, बुध और केतु की युति  को लेकर कहा था कि ये कॉम्बिनेशन आकस्मिक मौत का कारण बनते हैं। हालांकि, उस समय यह बात एक सामान्य बातचीत का हिस्सा लग रही थी, लेकिन शेफाली के निधन के बाद यह चर्चा का विषय बन गई है।

क्या कुंडली का 8वां घर और चंद्र, बुध, केतु का योग आकस्मिक मौत का कारण बन सकता है?
पारस छाबड़ा ने इस पॉडकास्ट में कहा था कि कुंडली का 8वां घर आयु, मृत्यु, आकस्मिक घटनाओं और गुप्त बातों का प्रतिनिधित्व करता है। इसे 'आयु भाव' भी कहा जाता है। जब इस घर में कुछ विशेष ग्रह स्थित होते हैं या उन पर किसी क्रूर ग्रह की दृष्टि होती है, तो यह व्यक्ति के जीवन में अचानक और अप्रत्याशित घटनाओं का कारण बन सकता है।

ज्योतिषीय दृष्टिकोण से, चंद्रमा मन, भावनाओं और शारीरिक स्वास्थ्य का प्रतीक है। बुध बुद्धि, तंत्रिका तंत्र और संचार को नियंत्रित करता है। वहीं, केतु एक छाया ग्रह है जो अलगाव, अचानक बदलाव और अज्ञात भय से जुड़ा है। यदि कुंडली के 8वें घर में चंद्रमा, बुध और केतु की युति हो, तो इसे ज्योतिष में एक जटिल और संवेदनशील योग माना जाता है। यह योग व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर कर सकता है, जिससे आकस्मिक स्वास्थ्य समस्याओं या दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। केतु की उपस्थिति अप्रत्याशितता को बढ़ाती है, जबकि चंद्रमा और बुध की कमजोर स्थिति मानसिक तनाव और शारीरिक बीमारियों को जन्म दे सकती है, जो अंततः आकस्मिक मृत्यु का कारण बन सकती है।

शेफाली जरीवाला, जिन्होंने अपने 'कांटा लगा' गाने से लाखों दिलों पर राज किया, के आकस्मिक निधन की खबर ने मनोरंजन जगत को गहरा सदमा पहुंचाया है। पारस छाबड़ा की भविष्यवाणी का सच होना, और शेफाली जरीवाला के निधन ने एक बार फिर नियति और ज्योतिष के रहस्यों पर बहस छेड़ दी है। क्या कुछ बातें पहले से ही तय होती हैं, या हम अपने कर्मों से अपनी नियति लिख सकते हैं? ज्योतिष एक जटिल विज्ञान है, और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले एक अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श करना आवश्यक है। हालांकि, यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि शायद सितारों की चाल का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव होता है, जिसे समझना अभी बाकी है।

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