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राज पंचक शुरू, सरकारी और संपत्ति के कार्यों में होगा लाभ, बाकी विशेष कार्यों को करने से बचें...

Updated: सोमवार, 2 जुलाई 2018 (16:58 IST)
* जुलाई में 2 बार आएगा पंचक काल, इस दौरान क्या करें उपाय कि सब शुभ ही शुभ हो, जानिए... 
 
जुलाई माह में 2 बार पंचक काल आ रहा है। पहला पंचक 2 जुलाई 2018, सोमवार से शुरू होकर 7 जुलाई तक जारी रहेगा। 
 
ज्ञात हो कि ज्योतिष में पंचक को शुभ नहीं माना जाता है। इस समय किए गए कार्य अशुभ और हानिकारक फल देते हैं, ऐसा माना जाता हैं। अत: इस नक्षत्र का योग अशुभ माना जाने के कारण पंचक काल के इन पांच दिनों में विशेष संभलकर रहने की आवश्यकता होती है, इसीलिए पंचक के दौरान कोई भी, किसी भी तरह का जोखिमभरा कार्य करने से बचना चाहिए।

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सोमवार से शुरू हुए पंचक के दिनों में औजारों की खरीददारी, निर्माण कार्य आदि करने की भी शास्त्रों में मनाही हैं। सोमवार को शुरू हुआ यह पंचक काल 'राज पंचक' कहलाता है। वैसे तो सोमवार के दिन आने के कारण यह पंचक कई दृष्‍टि से शुभ भी माना गया है। इसके प्रभाव से इन पांच दिनों में सरकारी कामों में सफलता मिलती है तथा संपत्ति से जुड़े काम करना भी शुभ रहता है, ऐसा कई ज्योतिषियों का मत है। 
 
जुलाई के महीने में ही दूसरा पंचक काल 29 जुलाई, रविवार से शुरू होगा, जो 3 अगस्त 2018, शुक्रवार तक जारी रहेगा। दूसरा पंचक काल रविवार से शुरू होगा तथा इस पंचक के समय को शास्त्रों में रोग पंचक कहा गया है। इसके प्रभाव से यह पांच दिन शारीरिक और मानसिक परेशानियां देनेवाले होते हैं। इस पंचक में किसी भी तरह के शुभ कार्य नहीं करने चाहिए तथा मांगलिक कार्यों के लिए भी यह पंचक अशुभ माना गया है। अत: सावधानी रखते हुए इस दौरान का समय पूजा-पाठ और धर्म-ध्यान में व्यतीत करना चाहिए। 

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पंचक काल के दौरान अगर आप कुछ विशेष काम करना चाहते हैं तो निम्न उपायों को करने के बाद आप अपना कार्य कर सकते हैं। 
 
करें ये उपाय...
 
* अगर घर में शादी का शुभ समय आ गया है और समय की कमी है तब लकड़ी का सामान खरीदना जरूरी हो तो गायत्री हवन करवा कर लकड़ी का फर्नीचर, पलंग तथा अन्य वस्तुएं की खरीदारी कर सकते हैं।
 
* पंचक में अगर ईंधन इकट्ठा करना जरूरी हो तो आटे से निर्मित पंचमुखी दीपक में (तेल से भरकर) शिवजी के मंदिर में जलाएं, उसके बाद ईंधन खरीदें।
 
* अगर किसी कारणवश पंचक के दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा करना ही पड़ें तो हनुमान मंदिर में 5 फल चढ़ाकर यात्रा शुरू करें।
 
* किसी रिश्तेदारी में शव दहन का समय हो या घर में ‍अचानक किसी की मृत्यु हो गई हो तो पंचक होने के कारण शव दहन के समय 5 अलग पुतले बनाकर उन्हें अवश्य जलाएं। तत्पश्चात दाह संस्कार करें। 
 
* अगर इन दिनों घर के मकान की छत डलवाना जरूरी हो तो पहले मजदूरों को मिठाई खिलाएं, उसके उपरांत ही छत डलवाने का कार्य शुरू करें। 
 
इस तरह के उपाय करने से पंचक में मिलने वाले अशुभ फलों में कमी आती है तथा आप आनेवाले संकटों से बच सकते हैं।
 

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