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पाक्षिक-पंचांग : इस माह कई ग्रह करेंगे राशि परिवर्तन, 4 मई को शनैश्चरी अमावस्या

पं. हेमन्त रिछारिया
'वेबदुनिया' के पाठकों के लिए 'पाक्षिक-पंचांग' श्रंखला में प्रस्तुत है वैशाख कृष्ण पक्ष का पाक्षिक पंचांग-
 
वैशाख कृष्ण पक्ष का 'पाक्षिक-पंचांग'
 
संवत्सर- परिधावी
संवत्- 2076 शक संवत् :1941
माह- वैशाख
पक्ष- कृष्ण पक्ष (20 अप्रैल से 4 मई तक)
ऋतु: वसंत-ग्रीष्म
रवि: उत्तरायणे
गुरु तारा- उदित स्वरूप
शुक्र तारा- उदित स्वरूप 
सर्वार्थ सिद्धि योग- 20 अप्रैल, 22 अप्रैल, 26 अप्रैल, 27 अप्रैल, 2 मई, 3 मई
अमृतसिद्धि योग- 3 मई
द्विपुष्कर योग- अनुपस्थित
त्रिपुष्कर योग- 21 अप्रैल
रविपुष्य योग- अनुपस्थित
गुरुपुष्य योग- अनुपस्थित
एकादशी- 30 अप्रैल (वरूथिनी एकादशी व्रत)
प्रदोष- 2 मई
भद्रा- 21 अप्रैल (उदय)- 22 अप्रैल (अस्त), 25 अप्रैल (उदय-अस्त), 29 अप्रैल (उदय-अस्त), 2 मई (उदय)- 3 मई (अस्त)
पंचक: 28 अप्रैल को प्रारंभ- 3 अप्रैल को समाप्त
मूल- 22 अप्रैल से प्रारंभ- 24 अप्रैल को समाप्त, 2 मई को प्रारंभ- 4 मई समाप्त
अमावस- 4 मई (शनैश्चरी अमावस्या)
ग्रहाचार: सूर्य- मेष, चंद्र- (सवा दो दिन में राशि परिवर्तन करते हैं), मंगल-वृष, बुध-मीन (2 मई की रात्रि से मेष राशि में), गुरु-धनु (वक्रगति संचरण अनुसार 23 अप्रैल से वृश्चिक राशि में), शुक्र-मीन, शनि-धनु, राहु-मिथुन, केतु- धनु।
व्रत/त्योहार: 22 अप्रैल- गणेश चतुर्थी (चंद्रोदय रात्रि 10 बजकर 12 मिनट)
 
(विशेष- उपर्युक्त गणनाओं में पंचांग भेद होने पर तिथियों/योगों में परिवर्तन संभव है।)
 
- ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया 
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केन्द्र 
सम्पर्क: astropoint_hbd@yahoo.com
 

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