Hanuman Chalisa

नंदी नाड़ी ज्योतिष क्या है, पढ़ें विशेषताएं

आचार्य राजेश कुमार
भगवान शंकर के गण नदी द्वारा जिस ज्योतिष विधा को जन्म दिया गया उसे नंदी नाड़ी ज्योतिष के नाम से जाना जाता है। नंदी नाड़ी ज्योतिष  मूल रूप से दक्षिण भारत में अधिक लोकप्रिय और प्रचलित है, इस ज्योतिष विधा में ताड़ पत्र पर लिखे भविष्य के द्वारा ज्योतिषशास्त्री फल कथन करते हैं। ज्योतिष की यह एक अनूठी शैली है। 
 
नाड़ी ज्योतिष की विधि 
 
नाड़ी ज्योतिष विधि से जब आप अपना भविष्य जानने के लिए के लिए ज्योतिषशास्त्री के पास जाते हैं तब सबसे पहले पुरुष से उनके दायें हाथ के अंगूठे का निशान और महिलाओं से बाएं हाथ के अंगूठे का निशान लेते हैं। इसके बाद कुछ ताड़पत्र आपके सामने रखा जाता है और आपसे नाम का पहला और अंतिम शब्द पूछा जाता है। आपके नाम से जिस जिस ताड़पत्र का मिलाप होता है उससे कुछ अन्य प्रश्न और माता पिता अथवा पत्नी के नाम का मिलाप किया जाता है। जिस ताड़पत्र से मिलाप होता है उसे ज्योतिषशास्त्री पढ़कर आपका भविष्य कथन करते हैं। 
 
नाड़ी ज्योतिष की विशेषता 
 
अगर आपको अपनी जन्मतिथि, जन्म नक्षत्र, वार, लग्न का पता होता है तो आप आसानी से ताड़पत्री तलाश कर पाते हैं। यह विधि उनके लिए उत्तम है जिन्हें अपनी जन्मतिथि एवं जन्मसमय की जानकारी नहीं होती है। 
 
अगर आपको भी अपनी जन्म तिथि एवं जन्म समय की जानकारी है तो आप भी इस विधि से अपना भविष्यफल जान सकते हैं। इस वधि से आप यह भी जान सकते हैं कि आपकी जन्मतिथि एवं समय क्या है। अन्य ज्योतिष विधि से अलग इसकी एक और मुख्य विशेषता यह है कि अन्य ज्योतिष विधि में बारह भाव होते हैं जिनसे फलादेश किया जाता है जबकि नंदी नाड़ी ज्योतिष विधि में सोलह भाव होते हैं। 

ALSO READ: ग्रह-नक्षत्र डालते हैं मानव जीवन पर प्रभाव, जानिए कैसे

ALSO READ: क्यों होते हैं भगवानों के वाहन पशु?
 

Show comments

शुक्र का सिंह राशि में गोचर, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जरूर करें ये 3 उपाय

क्या धरती से टकराएगा विशालकाय उल्कापिंड? जानें कब सच हो सकती है यह भविष्यवाणी

राहु-गुरु का षडाष्टक योग बना, जानें 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा असर

Vakri Budh 2026: बुध की वक्री चाल से बदलेगी 12 राशियों की किस्मत, जानें आपका हाल

त्रिग्रही योग योग से 3 राशियों को होगा लाभ ही लाभ, मौका न चुकें 3 उपाय करें

सभी देखें

03 July Birthday: आपको 3 जुलाई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 3 जुलाई 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

विघ्नहर्ता दूर करेंगे हर संकट: जानें आषाढ़ कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी का महत्व, पूजा मुहूर्त, विधि और मंत्र

कब है शीतला सप्तमी और शीतला अष्टमी का पर्व?

Daily Vastu Tips: घर में हर दिन खुश रहना है तो आज ही अपनाएं ये सरल वास्तु टिप्स

अगला लेख