ramcharitmanas

jupiter transit in Sagittarius : गुरु का आज राशि परिवर्तन, धनु राशि में करेंगे प्रवेश

Updated: सोमवार, 4 नवंबर 2019 (12:06 IST)
4 नवंबर से 2019, सोमवार आज की अर्द्धरात्रि को गुरु राशि परिवर्तन कर वृश्चिक राशि से अपनी स्वराशि धनु में प्रवेश करेंगे। विगत 1 वर्ष से गुरु वृश्चिक में राशि में स्थित हैं। गुरु का यह गोचर स्त्री जातकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण रहेगा। स्त्री जातकों के विवाह में त्रिबल शुद्धि हेतु गुरुबल में गुरु का राशि परिवर्तन विशेष महत्व रखेगा।
 
शास्त्रानुसार त्रिबल शुद्धि में गुरु के 'अपूज्य' स्थिति में होने पर स्त्री जातक का विवाह वर्जित माना गया है, वहीं 'पूज्य' स्थानों में होने पर गुरु की शांति के उपरांत ही स्त्री जातक का विवाह करने का निर्देश है जिसे प्रचलित भाषा में 'पीली पूजा' कहा जाता है। कुछ विद्वान अत्यंत आवश्यक होने पर देश-काल-परिस्थिति के अनुसार 'अपूज्य' स्थानों में होने पर भी 'पीली पूजा' अर्थात गुरु का शांति अनुष्ठान कर विवाह करने का परामर्श दे देते हैं।


 
किन जातकों के विवाह में गुरु का गोचर बनेगा बाधक?
 
नवग्रहों के गोचर में बृहस्पति का राशि परिवर्तन अर्थात गोचर बहुत महत्व रखता है। गुरु एक राशि में 1 वर्षपर्यंत रहने के उपरांत अपनी राशि परिवर्तित करते हैं। गुरु धनु व मीन राशि के स्वामी होते हैं। कर्क राशि में गुरु उच्च के एवं मकर राशि में गुरु नीचराशिस्थ होते हैं। स्त्री जातकों की जन्म पत्रिका में गुरु की स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
 
गुरु स्त्री जातकों के लिए पति का नैसर्गिक कारक होते हैं। स्त्री जातकों को पतिसुख प्राप्त होने में गुरु की विशेष भूमिका होती है। यदि किसी स्त्री जातक की कुंडली में गुरु अस्त, वक्री, निर्बल या अशुभ भावों में स्थित होते हैं तो उसे पतिसुख प्राप्त होने में बाधाएं आती हैं। गुरु बुद्धि व विवेक के भी प्रतिनिधि होते हैं। जन्म पत्रिका में सबल गुरु का होना विद्वता व बुद्धिमत्ता का द्योतक होता है।
 
किन राशि वाले जातकों के विवाह में बाधक बनेंगे गुरु?
 
जिन स्त्री जातकों की राशि से गुरु 'अपूज्य' स्थान अर्थात 4, 8, 12 में गोचर करेंगे, उन स्त्री जातकों का विवाह 1 वर्ष के लिए वर्जित रहेगा। वहीं जिन स्त्री जातकों की राशि से गुरु 'पूज्य' स्थान अर्थात 1, 3, 6, 10 में गोचर करेंगे, उनका विवाह गुरु शांति अनुष्ठान (पीली पूजा) संपन्न करने के उपरांत हो सकेगा। शेष राशि वाले स्त्री जातकों के लिए गुरु शुभ रहेंगे।
 
आइए, अब जानते हैं कि 4 नवंबर 2019, सोमवार को होने वाला गुरु का गोचर किन राशियों की स्त्री जातकों के विवाह में बाधा बनेगा।
 
1. अपूज्य- कन्या, वृषभ, मकर (विवाह वर्जित)
 
2. पूज्य- धनु, तुला, कर्क, मीन (गुरु की शांति के उपरांत विवाह)
 
-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केंद्र
संपर्क : astropoint_hbd@yahoo.com
लेखक के बारे में
पं. हेमन्त रिछारिया
ज्योतिर्विद पं. हेमन्त रिछारिया ज्योतिष प्रभाकर उपाधि से सम्मानित हैं। विगत 12 वर्षों से ज्योतिष संबंधी अनुसंधान एवं ज्योतिष से जुड़ी गलत धारणाओं का खंडन कर वास्तविक ज्योतिष के प्रचार-प्रसार में योगदान दे रहे हैं। कई ज्योतिष आधारित पुस्तकों का लेखन।.... और पढ़ें

Show comments

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 12 राशियों में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान?

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 09 अगस्‍त 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

श्रावण मास में रविवार का खास उपाय, 11वें दिन इस मंत्र का जाप करने से प्रसन्न होंगे शिवजी और सूर्यदेव

कामिका एकादशी व्रत कैसे करें और कब करें पारण? जानें सही विधि और शुभ समय

08 August Birthday: आपको 8 अगस्त, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

श्रावण मास 2026: 10वें दिन शनिवार को इस मंत्र का करें जाप, भोलेनाथ होंगे प्रसन्न

अगला लेख