sundarkand

Dattatreya Jayanti : दत्तात्रेय जयंती पर कैसे करें पूजन, जानें शुभ मुहूर्त, मंत्र एवं लाभ

Updated: सोमवार, 28 दिसंबर 2020 (16:54 IST)
Dattatreya Jyanati
 
मंगलवार, 29 दिसंबर को अगहन मास की पूर्णिमा है, इसे दत्त पूर्णिमा, दत्तात्रेय जयंती भी कहते हैं। इस दिन भगवान दत्तात्रेय की पूजा करनी चाहिए। इस दिन स्नान दान की पूर्णिमा है और अगहन मास का अंतिम दिन है। इस तिथि पर पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए और दान करना चाहिए। 
 
 
आइए जानें दत्त जयंती पर पूजन-विधान, मंत्र एवं क्या मिलता है लाभ... 
 
भगवान दत्तात्रेय जयंती पर ऐसे करें पूजन- 
 
1. भक्त सूर्योदय से पहले उठकर पवित्र स्नान करते हैं और फिर दत्ता जयंती का व्रत रखने का अनुष्ठान करते हैं।
 
2. इस दिन साफ-सुथरी जगह पर भगवान दत्तात्रेय की तस्वीर या मूर्ति की स्थापना करें।
 
3. पूजा के समय, पीले फूल और पीली मिठाई, अगरबत्ती अर्पित करें और दीपक जलाएं।
 
4. भक्तों को पवित्र मंत्रों और धार्मिक गीतों का पाठ करना चाहिए और जीवनमुक्त गीता और अवधूत गीता के श्लोकों को पढ़ना चाहिए।
 
5. पूजा के समय दत्त भगवान की प्रतिमा पर हल्दी, सिंदूर और चंदन का तिलक लगाएं।
 
6. आत्मा और मन की शुद्धि व ज्ञान के लिए, भक्तों को ‘ॐ श्री गुरुदेव दत्त’ और ‘श्री गुरु दत्तात्रेय नमः’ जैसे मंत्रों का पाठ करना चाहिए। 
 
7. अपनी मनोकामना कहें और उसे पूरा करने की प्रार्थना करें।
 

पढ़ें दत्तात्रेय के विशेष मंत्र- 
 
1. दक्षिणामूर्ति बीजम च रामा बीकेन संयुक्तम् ।
द्रम इत्यक्षक्षाराम गनम बिंदूनाथाकलातमकम
दत्तास्यादि मंत्रस्य दत्रेया स्यादिमाश्रवह
तत्रैस्तृप्य सम्यक्त्वं बिन्दुनाद कलात्मिका
येतत बीजम् मयापा रोक्तम् ब्रह्म-विष्णु- शिव नामकाम
 
2. दत्तात्रेय का महामंत्र- 'दिगंबरा-दिगंबरा श्रीपाद वल्लभ दिगंबरा'
 
3. बीज मंत्र : ॐ द्रां। 
 
4. दत्त गायत्री मंत्र- 'ॐ दिगंबराय विद्महे योगीश्रारय् धीमही तन्नो दत: प्रचोदयात'
 
5.  तांत्रोक्त दत्तात्रेय मंत्र- 'ॐ द्रां दत्तात्रेयाय नम:'

दत्त उपासना के लाभ- 
 
दत्तात्रेय उपनिषद के अनुसार, दत्त जयंती पर भगवान दत्त के लिए व्रत और पूजा करने वाले भक्तों को उनका आशीर्वाद और कई तरह के लाभ मिलते हैं... 
 
1. भक्तों को उनकी सभी इच्छित भौतिक सामग्री और धन की प्राप्ति होती है।
 
2. सर्वोच्च ज्ञान के साथ-साथ जीवन के उद्देश्य और लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलती है।
 
3. चिंताओं के साथ-साथ अज्ञात भय से छुटकारा मिलता है।
 
4. पाप ग्रहजनित कष्टों का निवारण
 
5. सभी मानसिक कष्टों का अंत और पारिवारिक संकटों से भी छुटकारा मिलता है।
 
6. इससे जीवन में नेक रास्ते पाने में मदद मिलती है।
 
7. आत्मा को सभी कर्म बंधों से मुक्त करने में मदद मिलती है।
 
8. आध्यात्मिकता के प्रति झुकाव विकसित होता है।





दत्तात्रेय जयंती पूजन के शुभ मुहूर्त 
 
 
मार्गशीर्ष पूर्णिमा तिथि मंगलवार, 29 दिसंबर 2020 को सुबह 07.54 मिनट से शुरू होगी तथा पूर्णिमा तिथि की समाप्ति 30 दिसंबर 2020 को सुबह 8.57 मिनट पर होगी। इस समयावधि में दत्तात्रेय जयंती का पूजन किया जाएगा। 
 

ALSO READ: Dattatreya Jayanti 2020 : सद्गुरु भगवान दत्तात्रेय की जयंती

Show comments

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 12 राशियों में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान?

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 27 अगस्‍त 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

सूर्य ग्रहण से भूकंप के बाद क्या चंद्र ग्रहण से पहले नेपाल में आई भीषण बाढ़? क्या ग्रहण से है इसका कनेक्शन?

हंस राजयोग के कारण 5 राशियों के चल रहे हैं अच्छे दिन कब तक चलेंगे?

26 August Birthday: आपको 26 अगस्त, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (26 अगस्‍त, 2026)

अगला लेख