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साल 2023 की अंतिम अमावस्या आज, इन छोटे सरल उपायों से दूर होंगे जीवन के संकट

Updated: मंगलवार, 12 दिसंबर 2023 (10:29 IST)
Remedies for Amavasya: इस वर्ष की अंतिम अमावस्या 12 दिसंबर 2023, मंगलवार के दिन मनाई जा रही है। पौराणिक धार्मिक ग्रंथों के अनुसार वर्षभर में प्रत्येक मास में एक अमावस्या होती है। मंगलवार के दिन आने वाली अमावस्या को भौमवती अमावस्या के नाम से जाना जाता है। शास्त्रों के अनुसार यह तिथि अत्यंत पवित्र तिथि मानी गई है।

इस दिन विशेष तौर पर पितरों की शांति के उपाय किए जाते हैं। मंगलवार को पड़ने वाली अमावस्या के दिन पितरों का पूजन-अर्चन करने से मनुष्य पितृ ऋण से मुक्त हो जाता है तथा पितृ भी प्रसन्न होकर आशीर्वाद प्रदान करते हैं। इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण और पिंड दान तथा दान देने का भी खास मह‍त्व है। इस दिन कुछ खास उपाय करने से जीवन के सभी संकट और परेशानियां दूर हो जाती है। 
 
आइए जानते हैं यहां मार्गशीर्ष अमावस्या के आसान उपाय- 
 
आइए जानते हैं यहां मार्गशीर्ष अमावस्या के आसान उपाय- 
 
1. इस दिन पितृसूक्त तथा पितृस्तोत्र का पाठ करना चाहिए। 
 
2. विद्या की प्राप्ति हेतु रेवड़ी को मीठे जल में प्रवाह करें।
 
3. घर में क्लेश हो तो उसकी शांति हेतु जल में लाल मसूर बहाएं। 
 
4. मंत्र- 'ॐ पितृभ्य: नम:' का ज्यादा से ज्यादा जाप करना शुभ फल प्रदान करता है।
 
5. अमावस्या के दिन सूर्यदेव को तांबे के लोटे में लाल चंदन, गंगा जल और शुद्ध जल मिलाकर 'ॐ पितृभ्य: नम:' का बीज मंत्र पढ़ते हुए तीन बार अर्घ्य देना फलदायी माना जाता है। 
 
6. अमावस्या को दक्षिणाभिमुख होकर दिवंगत पितरों के लिए पितृ तर्पण करना चाहिए। 
 
7. कर्ज बढ़ जाने ऋणमोचक मंगल स्रोत का पाठ स्वयं करें या किसी युवा ब्राह्मण सन्यासी से कराएं।
 
8. इस दिन पितरों का ध्यान करते हुए पीपल के पेड़ पर कच्ची लस्सी, थोड़ा गंगाजल, काले तिल, चीनी, चावल, जल तथा पुष्प अर्पित करें। 
 
9. कोई भी रोग होने पर गुड़ व आटा दान करें।
 
10. जीवन के सभी संकट और परेशानियां दूर करने हेतु इस दिन पूरे मन से कच्चे दूध युक्त काली तिल से भगवान शिव जी का पूजन-अर्चन करें।

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