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भद्रा क्या है, कैसे प्रभावित करती है

Updated: सोमवार, 31 जुलाई 2017 (14:57 IST)
मेष मकर वृष कर्कट स्वर्गे,
     कन्या मिथुन तुला धनु नागे।
     कुंभ मीन अलि केशरि मृत्यो,
     विचरति भद्रा त्रिभुवन मध्ये ।।
 
अर्थात मेष, मकर, वृष, कर्क राशि का चंद्रमा होने पर भद्रा स्वर्गलोक में, तुला, धनु, कन्या, मिथुन राशि का चंद्रमा होने पर भद्रा नागलोक (पाताल) में, कुंभ, मीन, वृश्चिक, सिंह राशि का चंद्रमा होने पर भद्रा मृत्युलोक (पृथ्वी) पर होती है।
      
       स्वर्गे भद्रा शुभं कार्यं,
       पाताले वांछित दायिनी।
       मर्त्यलोके यदा भद्रा,
       सर्व कार्य विनाशिनी।।
  
अर्थात स्वर्ग में भद्रा होने पर प्रत्येक कार्य शुभ होता है, पाताल में होने पर मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है और जब भद्रा पृथ्वी लोक पर होती है प्रत्येक शुभ कर्म को नष्ट करने वाली होती है।
 
इसलिए कभी भी रक्षाबंधन के पर्व पर कथित विद्वानों के मायाजाल से भयभीत न होकर रक्षाबंधन का पर्व मनाएं। इस बार रक्षाबंधन के पर्व पर रात्रि में चन्द्रग्रहण होगा, उसका विचार आवश्यक है।


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लेखक के बारे में
आचार्य राजेश कुमार
दिव्यांश ज्योतिष केंद्र, लखनऊ.... और पढ़ें
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