Hanuman Chalisa

क्या होती है भद्रा, और क्यों इसे अशुभ माना जाता है?

Updated: शुक्रवार, 28 जुलाई 2017 (15:05 IST)
* जानिए भद्रा की शुभता एवं अशुभता एवं महत्व 
 
किसी भी मांगलिक कार्य में भद्रा योग का विशेष ध्यान रखा जाता है, क्योंकि भद्रा काल में मंगल-उत्सव की शुरुआत या समाप्ति अशुभ मानी जाती है अत: भद्रा काल की अशुभता को मानकर कोई भी आस्थावान व्यक्ति शुभ कार्य नहीं करता। इसलिए जानते हैं कि आखिर क्या होती है भद्रा? और क्यों इसे अशुभ माना जाता है?
 
पुराणों के अनुसार भद्रा भगवान सूर्यदेव की पुत्री और राजा शनि की बहन है। शनि की तरह ही इसका स्वभाव भी कड़क बताया गया है। उनके स्वभाव को नियंत्रित करने के लिए ही भगवान ब्रह्मा ने उन्हें कालगणना या पंचांग के एक प्रमुख अंग विष्टि करण में स्थान दिया। भद्रा की स्थिति में कुछ शुभ कार्यों, यात्रा और उत्पादन आदि कार्यों को निषेध माना गया किंतु भद्रा काल में तंत्र कार्य, अदालती और राजनीतिक चुनाव कार्य सुफल देने वाले माने गए हैं।

ALSO READ: हिन्दू धर्म का ज्योतिष विद्या से क्या कोई संबंध है?
 
पंचांग में भद्रा का महत्व : 
 
हिन्दू पंचांग के 5 प्रमुख अंग होते हैं। ये हैं- तिथि, वार, योग, नक्षत्र और करण। इनमें करण एक महत्वपूर्ण अंग होता है। यह तिथि का आधा भाग होता है। करण की संख्या 11 होती है। ये चर और अचर में बांटे गए हैं। चर या गतिशील करण में बव, बालव, कौलव, तैतिल, गर, वणिज और विष्टि गिने जाते हैं। अचर या अचलित करण में शकुनि, चतुष्पद, नाग और किंस्तुघ्न होते हैं। इन 11 करणों में 7वें करण विष्टि का नाम ही भद्रा है। यह सदैव गतिशील होती है। पंचांग शुद्धि में भद्रा का खास महत्व होता है।
 
यूं तो 'भद्रा' का शाब्दिक अर्थ है 'कल्याण करने वाली' लेकिन इस अर्थ के विपरीत भद्रा या विष्टि करण में शुभ कार्य निषेध बताए गए हैं। ज्योतिष विज्ञान के अनुसार अलग-अलग राशियों के अनुसार भद्रा तीनों लोकों में घूमती है। जब यह मृत्युलोक में होती है, तब सभी शुभ कार्यों में बाधक या या उनका नाश करने वाली मानी गई है।
 
जब चन्द्रमा कर्क, सिंह, कुंभ व मीन राशि में विचरण करता है और भद्रा विष्टि करण का योग होता है, तब भद्रा पृथ्वीलोक में रहती है। इस समय सभी कार्य शुभ कार्य वर्जित होते हैं। इसके दोष निवारण के लिए भद्रा व्रत का विधान भी धर्मग्रंथों में बताया गया है।

ALSO READ: हिन्दू धर्म से सीखें ये 10 बड़ी बातें

 
Show comments

गीता के छठे अध्याय के 10वें श्लोक की सही व्याख्या क्या है? मौलाना जरजिस अंसारी के दावे की पड़ताल

Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी से शुरू होंगे चातुर्मास, 4 महीने के लिए लग जाएगी मंगल कार्यों पर रोक

सूर्य का कर्क राशि में गोचर: कर्क संक्रांति से देश, दुनिया और आपके जीवन पर क्या होगा असर?

पुरी के जगन्नाथ मंदिर और रथयात्रा का इतिहास: कब, कैसे और क्यों हुई शुरुआत?

श्री जगन्नाथ रथयात्रा से जुड़े 12 ऐसे रोचक तथ्य, जिन्हें जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान

सभी देखें

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की नौवीं देवी मां मातंगी, जानिए पूजा विधि

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (22 जुलाई, 2026)

22 July Birthday: आपको 22 जुलाई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 22 जुलाई 2026: बुधवार का पंचांग और शुभ समय

भड़ली नवमी 2026: खरीदारी के लिए कब रहेगा शुभ मुहूर्त? जानें अच्छे संयोग और खास समय

अगला लेख