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Ananga Trayodashi 2021: क्यों किया जाता है अनंग त्रयोदशी व्रत, जानें महत्व, पूजा विधि, मंत्र और शुभ मुहूर्त

Updated: मंगलवार, 14 दिसंबर 2021 (16:30 IST)
इस वर्ष बुधवार, 16 दिसंबर 2021 को अनंग त्रयोदशी व्रत (Ananga Trayodashi 2021) मनाया जा रहा है। इस व्रत में भगवान शिव-पार्वती (Lord Shiva-Mata Parvati) तथा कामदेव-रति का पूजन किया जाता है। यह दिन प्रेमी जोड़ों के लिए बहुत खास माना गया है, क्योंकि इस दिन व्रत रखने से लव लाइफ बेहतर होने के साथ-साथ यह संतान प्राप्ति का वरदान देने वाला भी यह व्रत माना जाता है।


यह व्रत वर्ष में दो बार किया जाता है, पहली बार चैत्र मास में और दूसरी बार मार्गशीर्ष अगहन मास में। इस दिन अनंग त्रयोदशी और प्रदोष व्रत साथ ही है। ये दोनों पर्व शिव योग और सिद्ध योग के सुंदर संयोग में मनाए जाएंगे। 
 
महत्व एवं मान्यता- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को अनंग त्रयोदशी कहते हैं। इस दिन शिव पूजन करने से वे भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं। एक बार जब भगवान शिव (Lord Shiva) सती वियोग से दुखी होकर ध्यान मग्न हो गए थे और तीनों लोकों में राक्षस तारकासुर का अत्याचार बढ़ गया था, तब देवताओं ने शिव जी का ध्यान भंग करने के लिए कामदेव (Kaamdev) और रति (Rati) की मदद ली थी।
 
 
तब कामदेव-रति ने शिव जी का ध्यान भंग कर दिया था, जिससे नाराज होकर शिव जी ने अपने तीसरे नेत्र की अग्नि से कामदेव को भस्म कर दिया, यह देखकर रति बेहद विलाप करने लगीं, तब देवताओं ने शिव जी को सारा वृतांत सुनाया, जब शिव जी का क्रोध थोड़ा कम हुआ तो उन्होंने रति से कहा कि कामदेव इस समय अनंग हैं यानी वे बिना अंगों वाले और​ बिना शरीर के हैं। ज्ञात हो कि अंग रहित को अनंग कहा जाता है अर्थात् निराकार रूप वाले। इसीलिए भगवान कामदेव को अनंग के नाम से जाना जाता है।

तत्पश्चात द्वापर युग में कामदेव ने भगवान श्री कृष्ण के घर उनके पुत्र प्रद्युम्न के रूप में जन्म लेकर पुन: अपना शरीर पाया था। इस घटना के बाद से ही अनंग त्रयोदशी मनाई जाने लगी तथा इस दिन शिव-पार्वती जी के साथ कामदेव और रति की पूजा होने लगी, ऐसी मान्यता है। है। मान्यतानुसार संतान की चाह रखने वाले पति-पत्नी को अनंग त्रयोदशी के दिन व्रत रखने से कामदेव की कृपा से संतान प्राप्ति के योग बनते है। 
 
ANANGA TRAYODASHI Muhurat 2021 अनंग त्रयोदशी पूजन के शुभ मुहूर्त-
 
इस बार मार्गशीर्ष शुक्ल त्रयोदशी का प्रारंभ बुधवार, 15 दिसंबर 2021 को देर रात्रि 02.01 मिनट से हो रहा है और शुक्रवार, 17 दिसंबर 2021 को प्रात: 04.40 मिनट पर त्रयोदशी तिथि का समापन होगा। अत: पंचांग के अनुसार अनंग त्रयोदशी व्रत दिन गुरुवार, 16 दिसंबर को रखा जाएगा। 
 
16 दिसंबर को पूजन के लिए Puja Time 
अभिजित मुहूर्त- दिन में 11.56 मिनट से दोपहर 12.37 मिनट तक रहेगा। 
विजय मुहूर्त- दोपहर 02 बजे से 02.41 मिनट तक रहेगा। 
इसके अलावा शाम की पूजा का शुभ मुहूर्त 05.27 मिनट से शुरू होकर रात 08.11 मिनट तक रहेगा। 

अनंग त्रयोदशी व्रत की पूजा वि​धि- Pujan Vidhi 
- अनंग त्रयोदशी को पूरे दिन व्रत रखकर सायंकाल पूजन के पश्चात एक समय भोजन ग्रहण करते हैं। 
- सुबह स्नान के समय पानी में गंगा जल डालकर करें।
- पूजन के लिए सफेद रंग के वस्त्र धारण करें। 
- सबसे पहले श्री गणेश का पूजन करें। फिर शिव-पार्वती तथा कामदेव-रति का पूजन करें।
- पूजन के समय सफेद पुष्प चढ़ाएं।
- पूजन के पश्चात 13 सिक्के चढ़ाएं। 
- भोग में केला, लड्डू और पंचामृत चढ़ाएं। 
 
Ananga Trayodashi 2021 Mantra मंत्र- 
अनंग त्रयोदशी के दिन इन मंत्रों का पाठ करना चाहिए। 
- ॐ कामदेवाय नम:
- ॐ नम: शिवाय 
- ॐ गणेशाय नमः का जाप करें। 

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RK. 


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