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कब है कन्या संक्रांति, जानिए क्या है महत्व और किस राशि को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा

Updated: गुरुवार, 16 सितम्बर 2021 (18:14 IST)
जब सूर्य एक राशि से हटकर अन्य राशि में प्रवेश करता है तो इस घटनाक्रम को संक्रांति कहते हैं। भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की एकादशी अर्थात 17 सितंबर शुक्रवार को ही सूर्य ग्रह कन्या राशि में गोचर करेंगे। इस दिन सूर्य कन्या संक्रांति मनाई जाएगी। आओ जानते हैं कि क्या महत्व है इस बार की कन्या संक्रांति का।
 
 
1. कन्या राशि बुध की ही राशि है जहां बुध ग्रह पहले से ही मौजूद हैं। 17 सितंबर को जब सूर्य क्या राशि में गोचर करेंगे तो सूर्य और बुध का मिलन होगा और दोनों इस राशि में बुधादित्य योग का निर्माण करेंगे। इसलिए इस दिन का महत्व बढ़ जाता है।
 
2. इस बार कन्या संक्रांति के दौरान गणेश उत्सव की धूम रहेगी। गणेशजी का वार भी बुधवार है और वह भी बुध ग्रह के प्रतीक हैं। 
 
3. कन्या राशि पर सूर्य का प्रभाव से कन्या राशि के जातकों के लिए फायदा होगा। समाज में उनका मान-सम्मान तो बढ़ेगा ही साथ ही नौकरी या व्यापार में उन्नती के योग भी बनेंगे। इस अवधि में आपको शुभ समाचार मिलने की संभावना है।
 
4. कन्या राशि वाले पिता, बहन, मौसी, बुआ की सेवा करें। माता दुर्गा की पूजा करें। बुराई और किसी गलत आचरण से बचें। ऐसा करने से आपको बुध और सूर्य देव का आशीर्वाद प्राप्त होगा।
 
5. कन्या राशि वाले व्यापारियों के लिए अच्छा समय रहेगा, अनाज के भंडार में वृद्धि होगी, वस्तुओं की लागत सामान्य होगी, सेहत पर सकारात्मक प्रभाव होगा, जीवन में स्थिरता का योग बनेगा।
 
6. कन्या संक्रांति के दिन गरीबों को दान दिया जाता है। 
 
7. इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए पूजा-अर्चना कराई जाती है। पूजा के बाद नाद देना जरूरी है।
 
8. कन्या संक्रांति के दिन नदी स्नान करने का खास महत्व होता है। स्नान करके भगवान सूर्यदेव को अर्घ्य देकर  उनकी पूजा की जाती है।
 
9. कन्या संक्रांति पर विश्वकर्मा पूजन भी किया जाता है जिस वजह से इस तिथि का महत्व अत्यधिक बढ़ जाता है। उड़ीसा और बंगाल जैसे क्षेत्रों में इस दिन पूरे विधि-विधान से पूजा की जाती है। 
 
10. कन्या संक्रांति के शुभ मुहूर्त :
- पुण्य काल मुहूर्त: 17 सितंबर 2021 सुबह 06:17 से दोपहर 12:15 तक 
- महापुण्य काल मुहूर्त: 17 सितंबर 2021 सुबह 06:17 से 08:10 तक
- कन्या संक्रांति पर सूर्योदय: 17 सितंबर 2021 सुबह 06:17 तक
- कन्या सक्रांति पर सूर्यास्त: 17 सितंबर 2021 शाम 06:24 तक

लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

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