स्मिता को आई राजस्थान की याद

समय ताम्रकर|
बालिका वधू के सेट पर यह खुशी का मौका था, जब आनंदी की भाभी सुगना अपने ससुराल में खुश रहने लगी थी। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि राजस्थानी विवाह समारोहों में कई प्रकार के पुराने रीति-रिवाजों का निर्वहन किया जाता है।

राजस्थानी कल्चर में गौना भी एक ऐसी ही परंपरा है, जिसमें लड़की का विवाह कम उम्र में होने के बाद उसे जब अपने पति के घर भेजा जाता है तो उस खुशी में एक विशेष आयोजन रखा जाता है, जो कि बालिका वधू में भी जल्द ही आयोजित होने वाला है।

सेट और हर चीज के बारे में बताते हुए इस धारावाहिक के क्रिएटिव हेड ने कहा कि ‘पूरा सेट राजस्थानी थीम को ध्यान में रखकर सजाया गया था। हमने हर चीज का नाप- तौलकर समायोजन किया। मुझे याद है कि हमने राजस्थानी संस्कृति को प्रदर्शित करने वाली एक भी चीज में समझौता नहीं किया था। सेट पर राजस्थानी हस्तकला के नमूने और यहाँ तक कि कठपुतलियों की भी व्यवस्था की गई थी। सेट को देखकर मुझे ऐसा महसूस हो रहा था कि हम राजस्थान में आ गए हैं।'
(सुमित्रा) ने भी कहा कि ' यह सेट राजस्थान का अनुभव करा रहा था। राजस्थानी गमले और हस्तशिल्प की बढ़िया कारीगरी ने उसे और भी खूबसूरत बना दिया था। राजस्थानी संस्कृति सुंदर है और यह सेट पर भी भव्यता व सुंदरता का अहसास कराती है। मेरी इच्छा है कि हम राजस्थान में शूटिंग करें।'
अपने एक यादगार अनुभव को याद करते हुए स्मिता बंसल कहती हैं कि सेट को इस प्रकार से सजाने का विचार बहुत ही बढ़िया था। मैं यह भी कहना चाहूँगी कि हमारे पास इस कार्य के बहुत ही गुणी व अनुभवी लोग मौजूद हैं। इस सेट ने मुझे मेरी शादी की याद दिला दी। ऐसा कहते हुए स्मिता अपनी हँसी नहीं रोक पाई।



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