सिंहासन बत्तीसी : सातवीं पुतली कौमुदी की कथा

Stories of Sinhasan Battisi
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Sinhasan Battisi Stories Hindi

सातवें दिन जैसे ही राजा भोज दरबार में पहुंचे और सिंहासन की तरफ बढ़े सातवीं पुतली कौमुदी जाग्रत हो गई और राजा से बोली, 'हे राजन, इस सिंहासन पर बैठने की जिद त्याग दो। इस सिंहासन पर वही बैठ सकता है जो राजा विक्रमादित्य की तरह गुणवान हो। अगर तुम में उनकी तरह एक गुण भी हो तो अवश्य इस सिंहासन पर बैठना।

सुनो मैं तुम्हें परम प्रतापी वीर विक्रमादित्य की कथा सुनाती हूं-



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