मुक्त‍ा गिरी : जैन सिद्धक्षेत्र

मुक्त‍ा गिरी
राजश्री कासलीवाल|
...जहां आज भी होती है केसर-चंदन की वर्षा * जैन मुक्त‍ा गिरी (मेंढागिरी)> * मेंढागिरी (मुक्त‍ा गिरी) का परिचय :- >
 
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दिगंबर जैनियों का सिद्धक्षेत्र भारत के मध्य में, महाराष्ट्र तथा मध्यप्रदेश की सीमा पर स्थित है 'मुक्त‍ा गिरी'। मुक्त‍ा गिरी मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में आता है। सतपुड़ा पर्वत की श्रृंखला में मन मोहनेवाले घने हरे-भरे वृक्षों के बीच यह क्षेत्र बसा हुआ है। जहां से साढ़े तीन करोड़ मुनिराज मोक्ष गए हैं। इसीलिए कहा जाता है -

अचलापूर की दिशा ईशान तहां मेंढागिरी नाम प्रधान।
साढ़े तीन कोटी मुनीराय तिनके चरण नमु चितलाय।।

जहां 250 फुट की ऊंचाई से जलधारा गिरती है। वह Water Fall जिससे जलप्रपात निर्मित हुआ है। निसर्ग के हरे-भरे उन दृश्यों एवं पहाड़ों को देखकर हर मन प्रफुल्लित हो जाता है। इस स्थान को मुक्तागिरी के साथ-साथ मेंढागिरी भी कहा जाता है।

मुक्त‍ा गिरी
 
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