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Written By भाषा
पुनः संशोधित गुरुवार, 2 फ़रवरी 2012 (12:45 IST)

फलक की हालत में और गिरावट

एम्स में पिछले 16 दिनों से जीवन के लिए कठिन लड़ाई लड़ रही दो वर्षीय बच्ची फलक के रक्त में संक्रमण के कारण गुरुवार को उसकी हालत कुछ और खराब हो गई। रक्त संक्रमण के कारण उसके कई अंगों के काम करना बंद कर देने की आशंका बढ़ गई है।

उल्लेखनीय है कि फलक 18 जनवरी से एम्स के जयप्रकाश नारायण एपेक्स ट्रामा सेंटर में भर्ती है। रक्त संक्रमणता के कारण उसकी हालत और अधिक खराब हो ई है क्योंकि वह पहले ही से मस्तिष्क के संक्रमण से जूझ रही है।

स्नायु रोग विशेषज्ञ दीपक अग्रवाल ने कहा कि अभी भी उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और उसके कई अंगों के खराब होने के कारण उसके जीवन की संभावना 50 फीसद से भी कम हो गई। उसके मष्तिष्क का संक्रमण पहले उसके सीने में और अब उसके रक्त में प्रवेश कर गया है।

उन्होंने कहा कि हमें लगता है कि यह स्पैटीमेनिया अथवा सेप्सिस हो सकता है..यह बीमारी किडनी और गुर्दो को भी प्रभावित कर सकता है।

चिकित्सकों ने आज फलक के शरीर से लिए गए लार और थूक आदि के नमूनों को दूसरे दौर के परीक्षण के लिए भेजा है ताकि यह देखा जा सके कि उसपर एंटीबायोटिक दवाओं का असर हो रहा है या नहीं। अभी तक फलक की दो जीवन रक्षक शल्यक्रिया की जा चुकी हैं।

उल्लेखनीय है कि फलक को 18 जनवरी को अस्पताल लाया गया था। उस समय उसके सिर में कई चोंटे लगी थीं। उसकी दोनों बाहें टूटी हुई थीं और उसके शरीर के कई स्थानों पर काटने के निशान थे और उसके गालों पर गर्म इस्तरी से दागे जाने के निशान थे।

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि अब प्रत्येक क्षण नाजुक हो गया है और अब सबकुछ इस पर निर्भर करता है कि उसका इलाज कितना सफल होता है। (भाषा)