यौन उत्पीड़न कानून का दुरुपयोग बढ़ा

नई दिल्ली| भाषा| पुनः संशोधित रविवार, 8 अप्रैल 2012 (15:39 IST)
दिल्ली की एक ने अपनी किशोरी नौकरानी से करने के आरोपी एक व्यक्ति को बरी करते हुए कहा कि ऐसे घरेलू श्रमिक जिन्हें कम वेतन का भुगतान किया जा रहा है या जिनके नियोक्ता उनसे अधिक समय तक काम करा रहे हैं, वे अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए यौन उत्पीड़न से संबंधित कानूनों का दुरुपयोग करने लगे हैं।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कामिनी लाउ ने माडल टाउन निवासी निकुंज आहूजा को अक्तूबर 2010 में अपनी घरेलू नौकरानी से बलात्कार करने के आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने पीड़िता के बयान को बेहद भ्रामक और गैर भरोसेमंद करार दिया।

पीड़िता ने आरोप लगाया था कि उसके साथ उस वक्त बलात्कार किया गया था जब वह घर के ड्राइंग रूम में सो रही थी।

अदालत ने कहा कि उन मामलों में जहां घरेलू श्रमिक को कम वेतन का भुगतान किया गया है या उनके नियोक्ता असामान्य रूप से लंबी अवधि तक काम करवाते हैं, वहां दुर्भाग्य से इन श्रमिकों ने अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए यौन उत्पीड़न से संबंधित कानूनों का सहारा लिया है।

अदालत ने कहा कि हाल में प्रवासी घरेलू श्रमिकों द्वारा प्लेसमेंट एजेंसी के लोगों या जैसा कि इस मामले में हुआ नियोक्ताओं के खिलाफ बलात्कार और यौन उत्पीड़न के मामले दर्ज कराने की घटनाओं में वृद्धि हुई है।

लाउ ने कहा कि अनेक मामलों में पिछड़े क्षेत्रों की इन युवा लड़कियों का प्लेसमेंट एजेंसियां व्यापक शोषण कर रही हैं। वे लड़कियों का इस्तेमाल अपने पेशेवर प्रतिद्वंद्वियों और इन एजेंसियों से इस तरह के घरेलू श्रमिकों की मांग करने वाले ग्राहकों से निजी दुश्मनी निकालने में मोहरे के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं।

पुलिस के अनुसार लड़की को प्लेसमेंट एजेंसी ने 2008 में आहूजा के घर में काम पर रखा था और 16 अक्तूबर 2010 को जब वह घर के ड्राइंग रूम में सो रही थी तो आरोपी आया और वह उसे खींचकर ले गया और कथित तौर पर उसके साथ बलात्कार किया। (भाषा)



और भी पढ़ें :