सोनिया ने त्याग नहीं किया, धोखा दिया

इन्दौर| भाषा| पुनः संशोधित गुरुवार, 17 अप्रैल 2014 (15:22 IST)
हमें फॉलो करें
FILE
इन्दौर। वर्ष 2004 में सोनिया गांधी के प्रधानमंत्री बनने से इंकार को धोखा करार देते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने को इसलिए प्रधानमंत्री बनवाया ताकि वे बगैर किसी जवाबदेही के सरकार पर पूरा अधिकार और नियंत्रण रख सकें।


शहर के कुशवाह नगर चौराहे पर एक चुनावी सभा में शिवराज ने कहा कि यूपीए की सरकार बनाने के वक्त जब सोनिया ने घोषणा की थी कि वे भारत की प्रधानमंत्री नहीं बनेंगी, तब देश की जनता के साथ मुझे भी लगा था कि उन्होंने बड़ा त्याग किया है। लेकिन यह त्याग नहीं, बल्कि धोखा था।

उन्होंने कहा कि सोनिया के लिए इससे अच्छा और क्या तरीका हो सकता था कि सरकार पर उनका अधिकार और नियंत्रण तो 100 प्रतिशत रहे। लेकिन उनकी जवाबदेही शून्य प्रतिशत हो। शिवराज ने कहा क‍ि पहले मनमोहन सिंह पर गुस्सा आता था। लेकिन अब उन पर दया आती है।

किताबों के जरिए खुलासा हो रहा है कि उनकी यह हालत सोनिया और उनके बेटे राहुल गांधी ने बनाई। वे (मनमोहन सिंह) तो केवल एक पुतले हैं और उन्हें नचाने का काम परदे के पीछे से हो रहा है।


उन्होंने कहा क‍ि वर्ष 2009 तक प्रधानमंत्री ने ठीक काम करने की कोशिश भी की, लेकिन उसके बाद मैडम सोनिया ने सोचा कि बेटे के लिए जगह बनानी है तो मनमोहन को खलनायक बनाना पड़ेगा। इसलिए परदे के पीछे से मैडम का खेल शुरू हो गया।
मप्र के मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री की हालत पिंजरे के पंछी जैसी हो गई है और उनकी स्थिति पर ‘मेरा दरद न जाने कोय’ गीत फिट बैठता है।

शिवराज ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री की इज्जत उतारने का आरोप लगाते हुए कहा कि दागी सांसद, विधायकों से जुड़ा अध्यादेश कांग्रेस के कहने पर ही पारित हुआ था। लेकिन बाद में राहुल ने इस अध्यादेश को फाड़ने का नाटक करते हुए ‘कचरे की टोकरी में डालने के लायक’ बताया ताकि वे अपनी छवि चमका सकें।
उन्होंने कहा क‍ि कांग्रेस उपाध्यक्ष के इस नाटक ने उनकी अपनी पार्टी की अगुवाई वाली सरकार के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का मान-सम्मान मिट्टी में मिला दिया। शिवराज ने जनता से पूछा क‍ि जो कांग्रेस अपने ही प्रधानमंत्री की इज्जत नहीं कर सकती, उसे वोट क्योंकर दिया जाए?

उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष के सामान्य ज्ञान पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को राहुल को धका-धकाकर आगे करना पड़ता है। राहुल भारत और इस देश के गांवों को नहीं जानते। उन्हें तो यह भी नहीं मालूम होगा कि प्याज जमीन के अंदर होता है या जमीन के बाहर।
शिवराज ने मौजूदा लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं घोषित करने पर कटाक्ष किया क‍ि कांग्रेस की बारात बिना दूल्हे के ही चल रही है। लेकिन भाजपा ने प्रधानमंत्री पद के लिए अपना उम्मीदवार डंके की चोट पर तय कर दिया है। हमारा दूल्हा घोड़े पर सवार हो गया है और हमारी बारात आगे भी बढ़ रही है। (भाषा)



और भी पढ़ें :