‍‍तिरंगे पर तकरार और बढ़ी

श्रीनगर/नई दिल्ली| भाषा| पुनः संशोधित शुक्रवार, 21 जनवरी 2011 (23:57 IST)
गणतंत्र दिवस के मौके पर श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने के मुद्दे पर भाजपा और जम्मू-कश्मीर सरकार के बीच टकराव शुक्रवार को उस वक्त और गहरा गया जब भाजपा ने अपने फैसले पर अडिग रहने की हुँकार भरी जबकि राज्य प्रशासन माहौल बिगाड़ने की किसी कोशिश पर लगाम लगाने की कोशिश में नजर आया।

भाजपा ने कहा कि वह लाल चौक पर तिरंगा फहराने के लिए कदम आगे बढ़ा रही है क्योंकि तिरंगा फहराना उसका संप्रभु अधिकार है।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने दिल्ली में कहा कि हम एक शांतिपूर्ण ‘एकता यात्रा’ के लिए प्रतिबद्ध हैं और हम अपने कार्यक्रम (लाल चौक पर तिरंगा फहराने का कार्यक्रम) को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। राजनीतिक दलों को राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अधिकार है।
जेटली ने कहा कि सरकार तिरंगा फहराने पर आपत्ति जता रही है, लेकिन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर अलगाववादियों को अपने विचार रखने की अनुमति देती है।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ‘एकता यात्रा’ को श्रीनगर तक न ले जाने की अपील पर जेटली ने कहा कि उमर ने (इसका विरोध करके) इसे और प्रचारित कर दिया है, लेकिन वे सिर्फ भाजपा पर बात करते रहे हैं।
श्रीनगर में पुलिस महानिदेशक कुलदीप खोडा ने गणतंत्र दिवस और इस मौके पर लाल चौक में भाजपा के तिरंगा फहराने की योजना के बाबत राज्य में सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बैठक में इस बात पर चर्चा की गई कि लाल चौक पर राष्ट्रध्वज फहराने की भाजपा की योजना के लिए क्या उपाय किए गए हैं। राज्य सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा को तिरंगा फहराने की इजाजत नहीं दी जाएगी क्योंकि इससे कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है।
का आरोप : कांग्रेस ने भाजपा पर तिरंगे झंडा के नाम पर जानबूझकर राजनीति करने और उकसावे का वातावरण बनाने का प्रयास करने का आरोप लगाया। पार्टी प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि हमारा झंडा हमारे हृदय में रहता है। झंडे पर सस्ती राजनीति करने और सियासत का खेल करने का कोई भी समर्थन नहीं करेगा। (भाषा)



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