भारत ‘डील मेकर’ बनेगा-पचौरी

नई दिल्ली| भाषा|
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पर कोपेनहेगन शिखर वार्ता में विकसित देशों खास कर अमेरिका की ओर से मामूली कटौती लक्ष्य का जिक्र करने संबंधी रिपोर्ट को नाकाफी करार देते हुए आईपीसीसी के अध्यक्ष आरके पचौरी ने कहा कि की ओर से उत्सर्जन कटौती की प्रतिबद्धता का कोई प्रश्न ही नहीं है। भारत की भूमिका ‘डील मेकर’ की होगी, ‘डील ब्रेकर’ की नहीं।


जलवायु परिवर्तन पर कोपेनहेगन शिखर सम्मेलन से पहले पचौरी ने कहा कि मुझे उम्मीद है जब जलवायु परिवर्तन पर हम इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर है, उस समय निश्चित तौर पर हमारे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कोपेनहेगन जाएँगे।

विकसित देशों खासकर अमेरिका की ओर से उत्सर्जन कटौती संबंधी मामूली लक्ष्य निर्धारित करने की खबर के बावजूद हमारी भूमिका ‘डील मेकर’ की होगी।

उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था के विकास के इस अहम मोड़ पर भारत उत्सर्जन कटौती के बारे में कोई भी प्रतिबद्धता व्यक्त ही नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन पर अभी बातचीत का मौसम चल रहा है और कोई भी देश अपनी अंतिम स्थिति के बारे में पत्ते नहीं खोलना चाहता है।


बाली शिखर सम्मेलन में 2020 तक उत्सर्जन में 25 से 40 प्रतिशत तक की कटौती का लक्ष्य निर्धारित किया गया था और मैं नहीं समझता कि कोपेनहेगन में कोई बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया जा सकेगा हालाँकि कोपेनहेगन शिखर वार्ता के बाद ऐसा सामने आ सकता है।
पचौरी ने कहा कि कोपेनहेगन सम्मेलन में हमें इस बात पर ध्यान देने की जरूरत है कि विकासशील देशों को कितनी वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण कैसे सुलभ होता है। (भाषा)



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