नाबालिग की मर्जी से संभोग भी बलात्कार

नई दिल्ली (भाषा)| भाषा|
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उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि 16 साल से कम उम्र की लड़की के साथ यौन संबंध बनाना बलात्कार की श्रेणी में आएगा।

न्यायालय ने कहा कि भादसं की धारा 366 ए के तहत किसी व्यक्ति को लड़की को वेश्यावृत्ति में धकेलने का दोषी तभी माना जाएगा, जब वह खुद शारीरिक संबंध न बनाकर लड़की को किसी दूसरे व्यक्ति से शारीरिक संबंध बनाने को मजबूर करता है।

न्यायालय ने 16 साल से कम उम्र की किशोरी के साथ शारीरिक संबंध को बलात्कार मानते हुए केरल के एक व्यक्ति को बलात्कार का दोषी माना, लेकिन उसे वेश्यावृत्ति में धकेलने के आरोप से मुक्त कर दिया।

धारा 366-ए के तहत 16 साल से कम उम्र की किसी लड़की को किसी अन्य व्यक्ति के साथ संभोग करने को मजबूर करने वाले व्यक्ति को वेश्यावृत्ति में धकेलने का दोषी माना जाएगा। इसके लिए दस साल की सजा और जुर्माना हो सकता है।


आरोपी इकबाल को नाबालिग लड़की से बलात्कार के आरोप में केरल के सत्र न्यायालय ने तीन साल की सजा सुनाई थी। वह लड़की की मर्जी से उसे त्रिशूर से तमिलनाडु के कोयंबटूर भगा ले गया था।
निचली अदालत ने बलात्कार के साथ ही उसे वेश्यावृत्ति में धकेलने का दोषी भी पाया था। उच्चतम न्यायालय ने उसे सिर्फ बलात्कार का दोषी पाया। अभियोजन पक्ष यह सिद्ध करने में सफल रहा कि लड़की की उम्र 16 साल से कम है।



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