लाइसेंस मामले में सोहा का आग्रह

नई दिल्ली (भाषा)| भाषा| पुनः संशोधित मंगलवार, 8 अप्रैल 2008 (22:02 IST)
हमें फॉलो करें
नवाब पटौदी की बेटी और अदाकारा सोहा अली खान ने बालिग होने से पहले ही राइफल का लाइसेंस हासिल करने और जब्त हथियार के लाइसेंस का नवीनीकरण कराने के मामले में गुड़गाँव जिला प्रशासन द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब देते हुए व्यक्तिगत सुनवाई का मौका दिए जाने का आग्रह किया।


गुड़गाँव जिला उपायुक्त राकेश गुप्ता ने बताया कि सोहा ने नोटिस के जवाब में कहा है कि उनकी कोई गलती नहीं है और इस मामले में उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई का मौका दिया जाए। गुप्ता ने कहा कि इस बारे में कल दोपहर बाद विस्तृत जानकारी दी जाएगी और उसके बाद अगला कदम उठाया जाएगा।

प्रशासन ने सोहा से जवाब माँगा था कि उन्होंने नाबालिग रहते लाइसेंस क्यों बनवाया और जब उनका हथियार शिकार मामले में जब्त था तो उनके लाइसेंस का नवीनीकरण क्यों कराया।

उल्लेखनीय है कि सोहा अली खान को 18 साल एक महीने की उम्र में ही राइफल का लाइसेंस मिल गया था, जबकि शस्त्र अधिनियम के तहत इसके लिए आवेदक की उम्र कम से कम 21 साल होनी चाहिए।


इस मामले में कई अधिकारियो के नपने की संभावना है, क्योंकि उन्होंने इस अधिनियम को ताक पर रखकर सोहा को राइफल का लाइसेंस दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। गुड़गाँव के प्रशासनिक कार्यालय से सोहा की उम्र से संबंधित फाइल भी गायब हो चुकी है, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोहा की मुश्किलें इसलिए भी बढ़ी हैं कि उनके पिता ने झज्जर में काले हिरण के शिकार के लिए 22 बोर की जिस राइफल का इस्तेमाल किया था, उसका लाइसेंस उनकी बेटी सोहा के नाम पर था।

झज्जर पुलिस ने शिकार के बाद इस राइफल को जब्त कर लिया था और इसी अवधि में सोहा ने लाइसेंस का नवीनीकरण भी करा लिया। इससे पुलिस और प्रशासन की घोर लापरवाही नजर आती है। नवाब पटौदी पर काले हिरण के शिकार के साथ ही फरीदाबाद की पर्यावरण अदालत में शस्त्र मामला भी चल रहा है।
सोहा के खिलाफ प्रशासन को कारण बताओ नोटिस हरियाणा पीपुल्स एनिमल के अध्यक्ष नरेश कादियान द्वारा सूचना के अधिकार के तहत माँगी गई जानकारी के बाद जारी किया गया था। कादियान ने पूछा था कि सोहा को बालिग होने से पहले लाइसेंस कैसे मिला और फिर जब्त हथियार का नवीनीकरण कैसे हो गया।



और भी पढ़ें :