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Written By भाषा
पुनः संशोधित शनिवार, 1 अगस्त 2009 (22:11 IST)

इब्राहिम अलकाजी को हिन्दी रत्न सम्मान

भारतीय रंगकर्म के शलाका पुरुष इब्राहिम अलकाजी को हिन्दी एवं भारतीय भाषाओं के रंगकर्म के संबंध में उनके योगदान के लिए वर्ष 2009 के हिन्दी रत्न सम्मान से नवाजा गया।

राजधानी के हिन्दी भवन सभागार में राजर्षि पुरषोत्तमदास टंडन की 128वीं जयंती के अवसर पर पं. भीमसेन विद्यालंकार की स्मृति में दिए जाने वाले हिन्दी रत्न सम्मान के रूप में अलकाजी को प्रशस्तिपत्र, एक लाख रुपए नकद, शाल और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।

हिन्दी भवन द्वारा दिए जाने वाला ‘हिन्दी रत्न सम्मान’ किसी अहिन्दीभाषी व्यक्ति को राजभाषा हिन्दी में योगदान के लिए प्रदान किया जाता है। इस सम्मान से सम्मानित होने वाले अलकाजी 12 वें व्यक्ति हैं।

इससे पहले हिन्दी रत्न सम्मान से नामगिरि राजगोपालन, बी एस शांताबाई, राधागोविंद थोड़ाम, बालशौरि रेड्डी, चमनलाल सप्रू, जसदेवसिंह, पद्मा सचदेव, डॉ. वेणुगोपाल कृष्ण, साइजी माकिनो, अमीन सयानी और नवजोतसिंह सिद्धू सम्मानित हो चुके हैं।

मूलत: ईरानी भाषी इब्राहिम अलकाजी ने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के निर्देशक के तौर पर हिन्दी नाटकों को अलग पहचान दिलाई।

अलकाजी के सम्मान समारोह को हिन्दी के प्रतिष्ठित साहित्यकार कहैंयालाल नंदन, हिन्दी भवन न्यास के अध्यक्ष और पूर्व राज्यपाल त्रिलोकीनाथ चतुर्वेदी, डोंगरी एवं हिन्दी की साहित्यकार पद्मा सचदेव ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन अलकाजी के शिष्य और प्रसिद्ध रंगकर्मी रामगोपाल बजाज ने किया।