जनता के सरकारी काम होंगे पाँच दिन में

भोपाल| भाषा|
हमें फॉलो करें
मध्यप्रदेश के सरकारी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को अब जनता से जुड़े कामों को एक से लेकर अधिकतम पाँच दिन में निपटना होगा और इस समयसीमा में काम नहीं निपटाने वालों के लिए दण्ड का प्रावधान रखा गया है।


राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रशासन के विभिन्न स्तरों पर दायित्वों का निर्वहन करने के लिए समयसीमा का निर्धारण किया है। इस संबंध में सभी विभागों, विधागाध्यक्षों, संभाग आयुक्तों, कलेक्टरों और जिला पंचायत के कार्यपालन अधिकारियों (सीईओ) को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्हें निर्धारित समय सारणी के अनुसार ही दैनंदिन का कार्य संपादित करने के लिए कहा गया है।
राज्य शासन द्वारा सभी अधिकारियों को उनके कार्यालय में प्राप्त होने वाले ‘सीएम मानिट’, ‘सीएस मानिट’ और जन शिकायत निवारण विभाग के मानिट में निर्धारित समयसीमा का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।


सामान्य प्रशासन विभाग के इस आदेश में कहा गया है कि कार्यालय में डाक प्राप्ति से लेकर उसके निराकरण तक फाइलों का परिचालन सुनिश्चित करते हुए हर स्तर पर परिचालन की प्रक्रिया सतत अद्यतन रखने को भी कहा गया है। समय सारणी में प्रशासन के किसी भी स्तर पर कार्यवाही के लिए एक से अधिकतम पाँच कार्य दिवस निर्धारित किए गए हैं।

आदेश में यह भी कहा गया है कि त्रुटिपूर्ण कार्य के लिए दण्ड का प्रावधान है। अब से निर्धारित समय सारणी के अनुसार कार्यों का निष्पादन नहीं करने को कर्तव्य पालन में घोर विफलता मानकर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध दण्ड निर्धारण का आधार माना जाएगा।

उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा इससे पहले भी सचिवालयीन कार्यप्रणाली पुस्तिका ‘संगठन एवं कार्यप्रणाली’ की पुनरीक्षित प्रतियाँ मंत्रालय स्तर पर सभी अधिकारियों को भेजी गई थीं और इसके साथ समय सीमा सारणी भी भेजी गई थी। (भाषा)



और भी पढ़ें :