केंद्र सरकार हर मोर्चे पर नाकाम-येचुरी

इंदौर (भाषा)| भाषा|
सिमी पर प्रतिबंध और अमरनाथ श्राइन बोर्ड को लेकर सियासी आरोप-प्रत्यारोप के बीच माकपा ने बुधवार को कांग्रेस को कई मौकों पर सांप्रदायिकता के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ने में नाकाम बताया।


पार्टी के एक कार्यक्रम में यहाँ भाग लेने आए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट के पोलित ब्यूरो सदस्य सीताराम येचुरी ने कहा संदर्भ चाहे सिमी पर पाबंदी का हो या सेतुसमुद्रम परियोजना का। साफ तौर पर ऐसा लगा कि कांग्रेस की अगुवाई वाली केन्द्र सरकार ने अदालत में जाने से पहले ठीक से तैयारी नहीं की थी।

उन्होंने कहा हम कांग्रेस को सांप्रदायिक पार्टी नहीं मानते, लेकिन बराबर कहते रहे हैं कि वह कई मौके पर सांप्रदायिकता से पूरे दम-खम से नहीं लड़ सकी है।
येचुरी ने कहा हम जब केन्द्र सरकार को समर्थन दे रहे थे, आर्थिक उदारीकरण के मामले में उस पर नकेल कसी थी। अब सरकार आम आदमी की परवाह किए बगैर पूँजीपतियों के लिए बंद दरवाजे खोलने में जुट गई है।

उन्होंने अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कैपिटल का नाम लिए बगैर कहा निजी वित्तीय कंपनी को कर्मचारी भविष्य निधि के प्रबंधन का जिम्मा सौंपना खतरे से खाली नहीं है। हम पहले ही इस पर कड़ा एतराज जता चुके हैं।
उन्होंने कहा समाजवादी पार्टी की पूँजीपतियों से नजदीकी छिपी नहीं है। अब चूँकि सपा ने सरकार को समर्थन दिया है, लिहाजा वह इसकी पूरी कीमत भी वसूलेगी।

सांसद खरीद कांड में नित नई सीडी सामने आने पर येचुरी ने मुस्कुराते हुए कहा हममें इस मामले में बोलने की योग्यता नहीं है। उन्होंने नंदीग्राम में भड़की ताजा हिंसा से जुड़े सवाल पर कहा भाकपा के विरोधी अपने राजनीतिक अस्तित्व की बुझ चुकी चिंगारी को हवा दे रहे हैं।



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