विदेश में भारतीय प्रबंधन छात्रों की माँग

भाषा|
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प्रसिद्ध अर्थशास्त्री ने कहा है कि विदेशों में भारत के प्रबंधन स्कूलों के छात्रों की काफी माँग है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में वैश्वीकरण की तेज आँधी में प्रबंधन के छात्र देश के बाहर भी अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहे हैं। एशिया पैसिफिक इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के 13वें दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए लंदन स्कूल ऑफ इकॉनॉमिक्स के प्रोफेसर देसाई ने कहा कि सरकार को यहाँ के शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा तकनीकी एवं प्रबंधन की शिक्षा के लिए पर्याप्त कॉलेज नहीं हैं। जिसके कारण काफी छात्रों को कम गुणवत्ता वाले संस्थानों में प्रवेश लेना पड़ता है। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान के प्रदर्शन के आधार पर ही उसे सरकारी सहायता अथवा अनुदान दिया जाना चाहिए। साथ ही इसका सर्वेक्षण प्रति वर्ष किया जाना भी जरूरी है।
देसाई ने भारतीय छात्रों से अपील की कि तकनीकी एवं प्रबंधन के छात्रों को परिपाटी से अलग हटकर कुछ करने की चाह रखनी चाहिए। इस दीक्षांत समारोह में एशिया पैसिफिक इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के निदेशक दिलीप कुमार बनर्जी ने कहा कि संस्थान प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में कुछ नया करने की राह पर चल रहा है।

उन्होंने कहा कि यहाँ के छात्र अकादमिक शिक्षा के साथ ही अन्य क्षेत्रों में भी कुछ नया करने का प्रयास कर रहे हैं। दीक्षांत समारोह को संस्थान के अध्यक्ष अमरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। (भाषा)


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