पूँजी निवेश का सबसे सुरक्षित विकल्प सावधि जमा

नई दिल्ली| ND|
- अजय श्रीवास्तव
शेयर बाजारों में अपनी जमा पूँजी लगाने वाले निवेशक खून के आँसू रो रहे हैं। म्यूच्युअल फंडों की हालत भी ठीक नहीं है। सोने की कीमतें भी रोज ऊपर-नीचे हो रही हैं। प्रॉपर्टी में पैसा लगाना भी इस समय ठीक नहीं समझा जा रहा। ऐसे में एफडी में निवेश सुरक्षित विकल्प बनकर उभरा है।

बैंकों में सावधि जमा यानी फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) कराने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। बाजार के जानकार मानते हैं कि इस समय यदि कोई व्यक्ति अपनी बचत को सुरक्षित रख कुछ रिटर्न चाहता है, तो बैंकों में एफडी सबसे बेहतरीन विकल्प है।

एफडी की कोई निश्चित अवधि नहीं है। 7 दिन से लेकर 10 साल तक के लिए बैंक में एफडी करा सकते हैं। एफडी पर ब्याज दरें भी हर बैंक के हिसाब से अलग-अलग हैं। सामान्यः एफडी पर ब्याज दरें 4 फीसदी से शुरू होकर 11 प्रतिशत पर जाती हैं। 100 रुपए की राशि से एफडी की शुरुआत होती है और कितनी भी बड़ी राशि की एफडी कराई जा सकती है।
इस समय ज्यादातर बैंक एक से तीन साल की सावधि जमा पर 10.5 प्रतिशत का ब्याज दे रहे हैं। यानी यदि आपने एक साल के लिए एक लाख रुपए की एफडी कराई तो एक साल बाद आपको 1,10,500 रुपए मिलेंगे। वरिष्ठ नागरिकों को एफडी पर 11 प्रतिशत का ब्याज दिया जाता है। एफडी डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी स्कीम ऑफ इंडिया के तहत होती है, इसलिए बैंकों में जमा पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है।
बैंक में रखने से पहले निवेशक को पता कर लेना चाहिए कि किस बैंक में पैसा रखने पर उसे ज्यादा रिटर्न मिलेगा। विश्लेषकों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को एकसाथ बड़ी राशि का एक सावधि जमा खाता नहीं खोलना चाहिए, बल्कि 4-5 एफडी खाते खोलने चाहिए, ताकि एफडी की परिपक्वता पूरी होने से पहले उसे तोड़ने पर ब्याज का नुकसान होता है।


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