कृष्णा ने रखा छात्रों का पक्ष

न्यूयॉर्क| भाषा| पुनः संशोधित शनिवार, 12 फ़रवरी 2011 (13:04 IST)
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भारतीय विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा कि व्यापक पैमाने पर वीजा का फर्जीवाड़ा किए जाने के आरोप में बंद किए गए केलिफौर्निया स्थित ट्राई वैली यूनीवर्सिटी के भारतीय छात्रों को अन्य अमेरिकी विश्वविद्यालियों में समाहित किया जाना चाहिए।


उन्होंने बताया कि विश्वास के साथ यहाँ आए छात्रों को इसका शिकार नहीं बनाना चाहिए। केलिफोर्निया की एक अदालत में जनवरी में दायर की गई एक संघीय शिकायत में आरोप लगाया गया था कि विश्वविद्यालय ने विदेशी नागरिकों को अवैध रूप से आव्रजन दर्जा दिया था। शिकायत में बताया गया था कि विश्वविद्यालय में 1,555 छात्र हैं, जिनमें से करीब 95 फीसदी भारतीय हैं।
इसके बाद, आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन की जाँच में पाया गया कि छात्रों को विवि के विभिन्न आवासीय एवं ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में दाखिला दिया गया था और कागज पर उनके आवास के रूप में केलिफोर्निया का जिक्र था लेकिन असल में वे देश के विभिन्न हिस्सों में कामकाज कर रहे थे। इनमें मेरीलैंड, वर्जीनिया, पेनसिलवानिया और टेक्सास शामिल हैं।
कृष्णा ने इस बात का जिक्र किया कि छात्र वैध वीजा पर आए थे और शिक्षा मुहैया करने वालों ने उनके साथ धोखाधड़ी की। उन्होंने अमेरिकी सरकार से फर्जी संस्थानों को न्याय के दायरे में लाने की अपील की।

केलिफोर्निया स्थित इस विवि के 18 छात्रों के पैर में रेडियो कॉलर पहनाए गए थे। ऐसा जाँच प्रक्रिया के चलते किया गया था। हालाँकि, अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों ने दो भारतीय छात्रों के पैरों से इन्हें निकलवा दिया था।
अमेरिका में नियुक्त भारतीय राजदूत मीरा शंकर और सेन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास की महावाणिज्य दूत सुष्मिता गांगुली थॉमस विदेश मंत्री से मुलाकात करेंगी और कृष्णा के न्यूयार्क छोड़ने से पहले उन्हें इस विषय से अवगत कराने की उम्मीद की जा रही है। (भाषा)



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