अभी भी बुलंद है जमात-उद-दावा का झंडा

अधूरे मन से लगाए गए प्रतिबंध का नतीजा

इस्लामाबाद (भाषा) | भाषा| पुनः संशोधित शनिवार, 10 जनवरी 2009 (17:42 IST)
लश्करे तोइबा के सहयोगी संगठन जमात-उद-दावा पर द्वारा आधे-अधूरे मन से लगाए गए का ही नतीजा है कि वह सैकड़ों शैक्षिक संस्थानों, चिकित्सा केन्द्रों और मदरसों के से अपना काम जारी रखे हुए है।

दस दिसम्बर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा जमात को आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने के कुछ समय बाद गृहमंत्री रहमान मलिक ने कहा कि संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि जमात के करीब 50 नेताओं को हिरासत में ले लिया गया है और उसके 100 से अधिक कार्यालय सील कर दिए गए हैं।

लेकिन दैनिक द न्यूज ने खबर दी कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने जमात पर प्रतिबंध के लिए कदम आधे मन से उठाए। करीब एक माह बीत जाने पर आज भी लाहौर के पास मुरिदके में उसके मुख्यालय पर उसका काला-सफेद झंडा लहरा रहा है जो सरकार की गंभीरता पर सवाल खड़े करता है।
अखबार के अनुसार सरकार द्वारा उठाए गए कदम महज भ्रम पैदा करते है। लश्करे तोइबा के संस्थापक हाफिज मोहम्मद सईद के नेतृत्व वाला जमात अभी भी स्कूलों, कॉलेजों, चिकित्सा केन्द्रों, अस्पतालों और मदरसों का एक विशाल नेटवर्क चला रहा है।



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