परीक्षा की तैयारी में खेलकूद ना भूलें

पढ़ाई के दौरान एकाग्रता के लिए ब्रेक लें

NDND
अगर आप यह समझते हैं कि आपके बच्चे पूरा दिन लगातार पढ़ते रहे, बिना कोई ब्रेक लिए और उनके बड़े अच्छे नंबर आएँगे तो आप गलती पर हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि पढ़ाई के लंबे घंटों के दौरान बीच-बीच में ब्रेक लेते रहने से अच्छी सफलता मिलती है।

से बढ़ता है, बच्चे चौकन्ने रहते हैं, एकाग्रता बेहतर होती है। खेल हमें नाकामियों का सामना करने का जज्बा देते हैं। याद रखें कि लंबे घंटों तक पढ़ने से ध्यान भंग होने लगता है और ब्रेक लेकर खेलने से दोबारा फोकस करने में मदद मिलती है।

आपको यह बात विरोधाभासी लग सकती है किंतु यह सच है। लंबे समय तक बिना ब्रेक लिए पढ़ते रहने से फायदा नहीं होता। ऐसा इसलिए होता है कि कुछ समय के बाद तनाव का स्तर बढ़ जाता है और एकाग्रता घटने लगती है। ध्यान भंग होने की वजह से ऐसे वक्त में पढ़ी गई सामग्री हमारे दिमाग में रह नहीं पाती। इसलिए कुछ समय के अंतराल पर ब्रेक लेने से दोबारा ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है।

ब्रेक के समय बच्चे को ऐसी गतिविधियाँ करनी चाहिए जिनमें उसे आनंद मिलता हो। पार्क में टहल सकते हैं, ध्यान लगा सकते हैं, कोई खेल खेल सकते हैं । बास्केटबॉल, फुटबॉल, टेनिस, ये काफी अच्छे विकल्प हैं। ब्रेक का समय हमें आराम करके दिमाग को तरोताजा कर दोबारा काम करने के लिए तैयार कर देता है।

अब अमित की ही बात लीजिए जो हमेशा 80 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करता है। अमित बताता है, ' मैं अक्सर एक घंटे की पढ़ाई के बाद एक ब्रेक लेता हूँ। हालाँकि मेरी मम्मी को यह पसंद नहीं है, पर फिर भी मैं ऐसा करता हूँ। वे कहती है कि मुझे बार-बार ब्रेक लेकर अपना समय बरबाद नहीं करना चाहिए।

ND|
डॉ. भावना बर्म
उनकी मानें तो ब्रेक में खर्च होने वाला समय बचाकर मैं 80 से बढ़कर 90 प्रतिशत अंक हासिल कर सकता हूँ। लेकिन ऐसा संभव नहीं है, क्योंकि एक घंटे तक पढ़ने के बाद मेरी एकाग्रता कम होने लगती है। ब्रेक पर जाने के बाद मैं प्रसन्न और तरोताजा हो जाता हूँ। अगर मैं बिना ब्रेक लिए लगातार पढ़ता ही रहूँ तब तो मेरे 60 प्रतिशत अंक भी नहीं आएँगे। 90 प्रतिशत तो दूर की बात है।



और भी पढ़ें :