हमें इन आदमियों से बचाओ

इस बार पर्यावरण की चिंता करते ब्लॉग की चर्चा

ब्लॉग-लव इज लाइफ
रवींद्र व्यास|
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लव इज लाइफ। यह एक का हैडर है। इस हैडर को पढ़कर-देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह प्रेम-मोहब्बत का ब्लॉग होगा। लेकिन इसकी पोस्टों को पढ़ो तो लगता है नजारा कुछ दूसरा ही है। वस्तुतः इस ब्लॉग पर अधिकांश की चिंता पर केंद्रित हैं। इसके ब्लॉगर है डीपी मिश्रा।


इसकी एक पोस्ट ईद पर है। खुशी की बात यह है कि यहाँ औपचारिक बातों से भरसक बचकर फोटो के जरिए अपनी बात कहने की कोशिश की गई है। इसमें ईद को लेकर तीन फोटो पोस्ट किए गए हैं। शीर्षक है धूमधाम से मनाई गई ईद। इस शीर्षक के फोटो देखेंगे तो पाएँगे कि इसमें ईद के उत्सवधर्मीं और ऊपरी रूप के बजाय इस त्यौहार में बच्चों की खुशी पर ध्यान ज्यादा केंद्रित किया गया है। यही कारण है कि इस मौके पर किसी कॉलोनी या कस्बे में लगे छोटे-छोटे झूलों पर झूलते बच्चों की खुशी पर ध्यान दिलाया गया है।
इसके साथ ही एक फोटो में कुछ बच्चे टोपी पहने और एकदूसरे के गले में हाथ डाले खड़े हैं। एक फोटो में कुछ बच्चे बैठे और कुछ खड़े हैं। उनके आगे टेबल पर कुछ नमकीन और कुछ मीठे व्यंजनों की प्लेट्स रखी हुई हैं। ये फोटो बताते हैं कि एक मध्यमवर्गीय परिवार या समाज में ईद के कितनी आत्मीय पल मौजूद होते हैं।

ईद की इस पोस्ट के बाद इस ब्लॉग का सुर एकदम बदल जाता है और अधिकाँश पोस्टें आपको पर्यावरण की चिंता करती दिखाई देती हैं। जैसे एक पोस्ट इस पर है कि मध्यप्रदेश के पंच, बाँधवगढ़, सतपुड़ा, कान्हा में इंसानी दखलंदाजी से बाघों का जीना मुहाल हो गया है। इसी दखलंदाजी से सरकार इन अभयारण्यों को मुक्त करने की कोशिश कर रही है।

अन्य पोस्ट में एक छोटी सी खबर दी गई है कि बाघों की हत्या की जिम्मेदारी चीन की है। लेकिन एक आँख खोल देनेवाली पोस्ट वह है जिसमें संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक तीस साल में एक चौथाई स्तनपायी नष्ट हो जाएँगे।
यहाँ तेजी से लुप्त हो रहे प्राणियों के बारे में जानकारियाँ दी गई हैं। ठीक इसी तरह भारत के संदर्भ में हाथियों की घटती संख्या पर चिंता जताई गई है। इसमें कहा गया है कि घटते जंगल, शिकार और हाथियों के लिए लगातार कम होते आहार की वजह से हाथियों की संख्या घट रही है। इसमें असम में हाथियों के परिदृश्य को लेकर आँकड़े भी दिए गए हैं जो चौंकाते हैं।

इसी तरह एक पोस्ट बंगाल बस्टर्ड पर है कहा गया है कि अब 500 ही बस्टर्ड बचे रह गए हैं। इसके अलावा संरक्षण पर सरकारी प्रयासों को लेकर भी एक पोस्ट दी गई है।
blog charcha
WD
कुल मिलाकर ब्लॉग एक तरह से अपने प्यार के विस्तार का ही ब्लॉग है क्योंकि इसमें इंसानी प्रेम ही नहीं, तमाम प्राणी जगत के प्रति अपने प्रेम का इजहार किया गया है और चिंता जताई गई है कि हमें इस दुनिया को बचाने की कोशिश करना चाहिए वरना हमारी यह दुनिया इन तमाम प्राणियों के बगैर न केवल असुंदर हो जाएगी बल्कि उजाड़ भी। इसलिए इन तमाम पोस्टों के मद्देनजर यह ब्लॉग तमाम प्राणियों की तरफ से यही कहता नजर आता है कि हमें इन आदमियों से बचाओ।
//dpmishra.blogspot.com/



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