गुरुमंत्र : खुद को ना समझें कमतर

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कई बार ऐसा होता है कि स्टूडेंट्स दूसरों के ओपिनियन के आधार पर अपने बारे में गलत राय बना लेते हैं। इसी कारण वे न तो स्टडी पर कॉन्‍संट्रेट कर पाते हैं और न ही गोल अचीव कर पाते हैं। उन्हें लगता कि उनमें कुछ भी अच्छा नहीं है और इंफिरियेरिटी कॉम्प्लेक्स से ग्रस्त हो जाते हैं।


याद रखिए जो कामयाब हैं वे इसलिए कि वे अपने को किसी से कम नहीं आंकते। वे हमेशा अपनी बेहतर चीजों पर फोकस करते हुए अपना सेल्फ कॉन्फिडेंस बढ़ाते रहते हैं और अपनी पर्सनेलिटी को चमकाते रहते हैं। इसलिए अपने भीतर झांकिए और दूसरों से अपने को बिलकुल कम मत आंकिए।

कई स्टूडेंट्स इस प्रॉब्लम से जूझते दिखाई देते हैं कि न तो उनका फिजिकल अपीरियंस अच्छा है, न उनकी चाल। न उनकी आवाज अच्छी है न एटिट्यूड। वे दूसरों की धारणा पर अपने बारे में राय बना लेते हैं और परेशान रहते हैं। वे जब भी आईना देखते हैं हमेशा अपने से नाखुश रहते हैं। वे अपनी स्टडी, करियर और लाइफ से नाखुश रहते हैं। इसलिए वे कोशिश करते हैं कि वे कुछ और हो जाएं।

याद रखिए कामयाब होने की पहली सीढ़ी है अपने को स्वीकार करना, अपने को प्यार करना और अपनी गलतियों को भूला देना। इसी से आप अपनी पर्सनेलिटी को डेवलप कर सकते हैं। इसकी आज से ही शुरुआत कर दीजिए। यहां दी जा रही हैं कुछ टिप्स। इन्हें अपनाएं और आगे बढ़ जाएं।


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1. मैं कामयाब हूंसबसे पहली बात तो यह है कि अपने बारे में तमाम नापसंद बातों को भूल जाएं। आपको लगता है कि न तो आप स्मार्ट हैं और न ही हंबल। यह सब निगेटिव थिंकिंग का रिजल्ट है। इसलिए अपने बारे में अच्छी बातें सोचिए। अपने बारे में दूसरों की राय को ज्यादा इम्पॉर्टेंस मत दीजिए और अपने को सफल होता देखने की आदत डालिए।

2. सेल्फ कॉन्फिडेंस बढ़ाएं
सेल्फ कॉन्फिडेंस बढ़ाने का एक आसान और सहज तरीका है अपने को आईने में देखना। आईने के सामने खड़े होकर अपने से लगातार कहते रहिए कि आप यूनिक हैं, हैंडसम या ब्यूटीफुल हैं। आईने में देखकर अपने अच्छे फीचर्स पर फोकस करिए। इससे आप अपनी यूनिकनेस को बेहतर ढंग से समझने की कोशिश कर पाएंगे।
कई बार ऐसा होता है कि हम हमेशा अपनी बुराइयां ही देखते हैं। इस टेंडेंसी के कारण स्टूडेंट्स एक तरह की हीन भावना के शिकार हो जाते हैं। इससे उन्हें बहुत सारी प्रॉब्लम्स फेस करना होती है। इसलिए अपने में अच्छाइयां ढूंढें।

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3 लिख डालो सेल्फ कॉन्फिडेंस हासिल करने के बाद उस तरफ बढ़ने की कोशिश करिए जो आप हासिल करना चाहते हैं। अपने बारे में तमाम अच्छी बातें या अपनी क्वॉलिटीज को लिख लें। कमजोरियों को लिख लें। यदि आपको लगता है कि आप जल्द ही इमोशनल हो जाते हैं या हर्ट हो जाते हैं तो उसकी जड़ों को समझने की कोशिश करिए। इससे आप अपने ही बारे में बेहतर अंडरस्टैंडिंग बना पाएंगे।

4. भीतर है खुशीयाद रखिए दुनिया में तमाम ऐसे उदाहरण हैं कि जिनके पास खूब पैसा और शोहरत थी लेकिन वे कभी अपनी जिंदगी में खुश नहीं रह पाए। जाहिर है खुशी बाहर नहीं, भौतिक सुख-सुविधाओं में नहीं। यह पूरी तरह आप पर निर्भर है कि आप खुश रहना चाहते हैं या दुःखी। इसलिए हमेशा अपनी भीतर ग्रीनर साइड को देखें। अब तक आपने जो कुछ भी अच्छा किया है, उस पर प्राउड फील गर्व करें।

5. रिअल रहेंयाद रखिए आपकी पर्सनेलिटी में चैंजेस एकाएक नहीं आते। एटिट्यूड एकाएक नहीं बदलता। इसलिए हमेशा रिअल बने रहें और धीरे-धीरे अपनी पर्सनेलिटी को चमकाते रहें। आप यूनिक हैं, आपमें कई खासियतें हैं और सेल्फ कॉन्फिडेंट भी हैं। आप इस लाइन पर सोचते रहे तो एक दिन आपमें बड़ा बदलाव आएगा। जाहिर यह बदलाव आपके बारे में दूसरों की राय को भी बदल देगा। तब आप एक बेहतर व्यक्तित्व के मालिक हो जाएंगे।



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