भारतीय रेल एक नजर

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दोस्तों, आज रेल बजट है। आज हम आपको भारतीय रेल के इतिहास और वर्तमान के बारे में यहाँ कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दे रहे हैं। भारतीय रेल एशिया का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है तथा विश्व में दूसरे क्रम पर है। 150 वर्षों से भी अधिक समय से यह भारतीय परिवहन क्षेत्र का मुख्य आधार है।

भारतीय रेल मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ ही राष्ट्रीय अखंडता को जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। राष्ट्रीय आपात स्थिति के दौरान आपदाग्रस्त क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुँचाने में भारतीय रेल सदैव अग्रणी रही है।


भारतीय रेल का सफरनामा :
एशिया में : नंबर 1 विश्व में : नंबर 2
स्थापना : 16 अप्रैल 1857
कुल कर्मचारी : 16 लाख
कुल रेल मार्ग : 1,11,000किमी
विद्युतीकृत : 79,029 किमी
बड़ी लाइन : (1.676 मी) 86, 526 किमी
छोटी लाइन : (1 मी.) 18,529 किमी
नैरोगेज : (762 मिमी) 3,651 किमी
यात्री डिब्बे : 45,000 माल डिब्बे : 2,22,147
इंजन : 7,566
रेलवे स्टेशन : 6,853
रेलवे पुल : 1,19, 984
रेलवे फाटक : 37,423
रेलगाड़ियाँ : 15,027
यार्ड : 300
यात्री : 1 करोड़ 60 लाख प्रतिदिन

प्रमुख रेल संग्रहालय :*नई दिल्ली 1 फरवरी 1977
*मैसूर 2 जून1979
*चेन्नई 31 मार्च 2002
*नागपुर 14 दिसंबर 2002

*कोंकण रेलवे भारतीय रेल की एक स्वतंत्र इकाई के रूप में परिचालित होने वाली रेल व्यवस्था है। इसका मुख्यालय नवी मुंबई के बेलापुर में है। यह सीधे रेलवे बोर्ड और केंद्रीय रेलमंत्री की निगरानी में काम करता है।*कोलकाता मेट्रो भारतीय रेल द्वारा ही संचालित होता है परंतु इसे किसी जोन में नहीं रखा गया है।
*2005 में पहली डबल डेकर ट्रेन चली जबकि पहली डबल डेकर एसी ट्रेन नवंबर 2010 में धनबाद और हावड़ा के बीच चलाई गई।

सबसे ऊँची रेल सेवा : जम्मू-कश्मीर में वानोप (अनंतनाग) से काजीगुंड रेल सेवा भारतीय रेलवे की सबसे ऊँची ब्रॉडगेज रेल सेवा है। यह समुद्र तल से 5,166 फुट की ऊँचाई पर है।
पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन :
*दार्जीलिंग-हिमालयन रेलवे : मार्च 1880
*कालका-शिमला रेलवे : 9 नवंबर 1903
*नीलगिरि पर्वतीय रेलवे : 14 जून 1899
*कांगड़ा घाटी रेलवे : 1 अप्रैल 1929



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